? छत्तीसगढ़ में बिना पंजीयन डॉक्टरों की प्रैक्टिस पर सख्ती, CMHO ने निजी अस्पतालों से मांगी जानकारी

? छत्तीसगढ़ में बिना पंजीयन डॉक्टरों की प्रैक्टिस पर सख्ती, CMHO ने निजी अस्पतालों से मांगी जानकारी
? रायपुर: दूसरे राज्यों से आए डॉक्टर अब बिना पंजीयन नहीं कर सकेंगे इलाज
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब बिना पंजीयन चिकित्सा कार्य करने वाले डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) रायपुर, डॉ. मिथिलेश चौधरी ने निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स को निर्देश जारी करते हुए डॉक्टरों की पंजीयन स्थिति की जानकारी तलब की है।छत्तीसगढ़ में बिना पंजीयन डॉक्टरों की प्रैक्टिस पर सख्ती
⚖️ मेडिकल काउंसिल के नियमों का उल्लंघन बना कारण
CMHO ने यह निर्देश छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान परिषद् (Chhattisgarh Medical Council) द्वारा भेजे गए पत्र के आधार पर जारी किए हैं। जानकारी मिली है कि कई अन्य राज्यों के डॉक्टर, रायपुर और आसपास के इलाकों में होटलों या निजी क्लीनिकों में ओपीडी चला रहे हैं, जबकि उन्होंने मेडिकल काउंसिल में पंजीयन नहीं कराया है।छत्तीसगढ़ में बिना पंजीयन डॉक्टरों की प्रैक्टिस पर सख्ती
यह नर्सिंग होम एक्ट और मेडिकल काउंसिल के नियमों का सीधा उल्लंघन है।छत्तीसगढ़ में बिना पंजीयन डॉक्टरों की प्रैक्टिस पर सख्ती
? पंजीकरण अनिवार्य, नहीं तो होगी कार्रवाई

CMHO ने साफ किया है कि—
“छत्तीसगढ़ राज्य में अन्य राज्यों के चिकित्सकों द्वारा चिकित्सकीय सेवाएं देने के लिए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान परिषद में पंजीयन अनिवार्य है।”
इसके साथ ही, जो अस्पताल बिना पंजीकृत चिकित्सकों को नियुक्त करते हैं, उन पर भी नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।छत्तीसगढ़ में बिना पंजीयन डॉक्टरों की प्रैक्टिस पर सख्ती
? 3 दिन की डेडलाइन: अस्पतालों को देना होगा जवाब

रायपुर जिले के सभी निजी अस्पताल, नर्सिंग होम और मेटरनिटी होम को CMHO ने निर्देश दिए हैं कि—
“वे अपने यहां कार्यरत सभी चिकित्सकों की मेडिकल काउंसिल में पंजीयन स्थिति की जानकारी तीन दिनों के भीतर CMHO कार्यालय को उपलब्ध कराएं।”छत्तीसगढ़ में बिना पंजीयन डॉक्टरों की प्रैक्टिस पर सख्ती
? अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी भी तय

CMHO ने चेतावनी दी है कि यदि किसी अस्पताल में बिना पंजीकृत डॉक्टर ओपीडी या इलाज करते पाए जाते हैं, तो—
- अस्पताल प्रबंधन पर भी कार्रवाई होगी,
- चिकित्सक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी,
- और यह मामला नियमों की अवहेलना के तहत दर्ज किया जाएगा।
? CMHO की अपील
CMHO डॉ. चौधरी ने कहा:
“सभी निजी स्वास्थ्य संस्थान यह सुनिश्चित करें कि उनके संस्थान में कार्यरत हर डॉक्टर कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त और पंजीकृत हो।” छत्तीसगढ़ में बिना पंजीयन डॉक्टरों की प्रैक्टिस पर सख्ती









