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रायपुर

धरसीवां में शराब भट्ठी के खिलाफ उठी आवाज़: महिलाओं ने मशाल जलाकर कहा – “हमें कॉलेज चाहिए, शराब की दुकान नहीं”

धरसीवां में शराब भट्ठी के खिलाफ उठी आवाज़: महिलाओं ने मशाल जलाकर कहा – “हमें कॉलेज चाहिए, शराब की दुकान नहीं”

धरसीवां में शराब भट्ठी के खिलाफ उठी आवाज़, छत्तीसगढ़ के धरसीवां क्षेत्र के ग्राम दोंदे खुर्द में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ गांव की सैकड़ों महिलाएं सड़कों पर उतर आईं और हाथों में मशालें लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस मशाल रैली के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि वे किसी भी कीमत पर अपने गांव में शराब की भट्ठी नहीं खुलने देंगी।

क्यों हो रहा है शराब की दुकान का विरोध?

ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि शराब की दुकान खुलने से गांव का शांतिपूर्ण माहौल भंग हो जाएगा। उनका कहना है:

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  • पुराने अनुभव का डर: “हम पहले भी गांव में शराब भट्ठी खुलने के भयानक परिणाम भुगत चुके हैं। शराब ने हमारे परिवारों को तोड़ा है और अशांति फैलाई है। हम उस दौर में वापस नहीं जाना चाहते।”

  • बच्चों के भविष्य की चिंता: प्रदर्शनकारी महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि शराब की दुकान खुलने से न केवल सामाजिक वातावरण दूषित होगा, बल्कि इसका सीधा असर हमारे बच्चों के भविष्य पर पड़ेगा। वे गलत संगत में पड़ सकते हैं।

“शिक्षा नहीं, तो शराब क्यों?” – ग्रामीणों का सरकार से सवाल

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “हम वर्षों से गांव में एक कॉलेज खोलने की मांग कर रहे हैं ताकि हमारे बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें, लेकिन हमारी उस मांग को हमेशा अनसुना किया गया। और अब, बिना मांगे हमें शराब की भट्ठी दी जा रही है। क्या सरकार को सिर्फ राजस्व की चिंता है, नागरिकों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की नहीं?”धरसीवां में शराब भट्ठी के खिलाफ उठी आवाज़

आंदोलन की आगे की रणनीति: विशाल धरना प्रदर्शन की तैयारी

मशाल रैली के बाद हुई सभा में ग्रामीणों ने एकजुट होकर यह निर्णय लिया है कि जब तक प्रशासन दोंदे खुर्द से शराब दुकान हटाने का आधिकारिक आदेश जारी नहीं करता, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। इसी क्रम में, आने वाले रविवार को एक विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में दोंदे खुर्द के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, जिससे यह आंदोलन और भी व्यापक रूप लेगा।धरसीवां में शराब भट्ठी के खिलाफ उठी आवाज़

विरोध प्रदर्शन में दिखी एकजुटता

बुधवार को हुए इस आंदोलन में समाज के हर वर्ग की भागीदारी दिखी। इसमें पूर्व जनपद अध्यक्ष उत्तरा कमल भारती, जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष उधोराम वर्मा, ऋचा वर्मा, दीप शिखा वर्मा, विभिन्न पंचायतों के सदस्य, किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारी और छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन से आलोक शुक्ला जैसे कई प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक चेहरे शामिल हुए। इस एकजुटता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शराब भट्ठी का विरोध केवल कुछ लोगों का नहीं, बल्कि पूरे समुदाय का मुद्दा है।धरसीवां में शराब भट्ठी के खिलाफ उठी आवाज़

Nidar Chhattisgarh Desk

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