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HDFC बैंक में 70 लाख का डाका, कर्मचारी ही निकले मास्टरमाइंड! 2 बैंकरों समेत 4 गिरफ्तार

बिलासपुर: HDFC बैंक में 70 लाख का डाका, कर्मचारी ही निकले मास्टरमाइंड! 2 बैंकरों समेत 4 गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में वित्तीय धोखाधड़ी के एक सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश हुआ है। यहाँ HDFC बैंक की सरकण्डा शाखा में बैंक के ही दो कर्मचारियों की मिलीभगत से एक कंपनी के खाते से 70 लाख रुपये की रकम फर्जी चेक के जरिए निकाल ली गई। सरकण्डा पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इस “इनसाइडर जॉब” में शामिल दो बैंक कर्मचारियों समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

कैसे दिया गया ठगी को अंजाम?

पुलिस जांच के अनुसार, यह एक सोची-समझी साजिश थी, जिसकी जड़ें बैंक के भीतर ही थीं।HDFC बैंक में 70 लाख का डाका, कर्मचारी ही निकले मास्टरमाइंड! 

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  • निशाने पर थी बड़ी कंपनी: ठगों ने गुड़गांव स्थित एक प्रतिष्ठित कंपनी के बैंक खाते को अपना निशाना बनाया।

  • 1.40 करोड़ निकालने का था प्लान: आरोपियों की योजना खाते से कुल 1 करोड़ 40 लाख रुपये निकालने की थी, लेकिन वे पहली किश्त में 70 लाख रुपये निकालने में ही सफल हो पाए।

  • कर्मचारियों ने की मदद: बैंक के दो कर्मचारियों ने अपनी पहुंच का दुरुपयोग करते हुए फर्जी चेक को पास करने और रकम निकालने में मुख्य आरोपी एडवर्ड थॉमस की मदद की।

  • पुलिस ने बिछाया जाल: जैसे ही बैंक और कंपनी को इस अवैध निकासी की भनक लगी, मामले की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सरकण्डा पुलिस ने जांच करते हुए पूरे गिरोह को धर दबोचा और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।

प्रदेश में बढ़ते साइबर फ्रॉड: रायपुर में महिला अधिकारी से 90 लाख ठगे

बिलासपुर की यह घटना प्रदेश में बढ़ते वित्तीय अपराधों की एक और कड़ी है। हाल ही में राजधानी रायपुर से भी साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया था, जहां ठगों ने एक महिला डिप्टी डायरेक्टर को अपना शिकार बनाया।HDFC बैंक में 70 लाख का डाका, कर्मचारी ही निकले मास्टरमाइंड! 

ठगों ने महिला अधिकारी को शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर कुछ ही समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। शुरुआत में छोटे निवेश पर अच्छा रिटर्न दिखाकर उनका विश्वास जीता गया। इसके बाद, मार्च महीने से लेकर अब तक उनसे अलग-अलग किश्तों में फोनपे और RTGS के माध्यम से करीब 90 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब वादे के मुताबिक रिटर्न नहीं मिला, तो महिला को ठगी का अहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने राखी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस इस मामले में साइबर ठगों के गिरोह की तलाश में जुटी है।HDFC बैंक में 70 लाख का डाका, कर्मचारी ही निकले मास्टरमाइंड! 

क्या होता है RTGS, जिसका इस्तेमाल ठगी में हुआ?

रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने का एक सुरक्षित और तेज माध्यम है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर 2 लाख रुपये से अधिक की रकम भेजने के लिए किया जाता है।HDFC बैंक में 70 लाख का डाका, कर्मचारी ही निकले मास्टरमाइंड! 

  • रियल टाइम: इसका मतलब है कि पैसा भेजते ही तुरंत दूसरे खाते में पहुंच जाता है, इसमें कोई इंतजार नहीं करना पड़ता।

  • ग्रॉस सेटलमेंट: इसमें हर ट्रांजैक्शन अलग-अलग और पूरा एक साथ सेटल होता है।
    साइबर ठग अक्सर विश्वास जीतने के बाद बड़ी रकम ट्रांसफर करवाने के लिए पीड़ितों से RTGS का इस्तेमाल करवाते हैं।

पुलिस की अपील: रहें सावधान

इन घटनाओं के बाद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के अनजान फोन कॉल, मैसेज या शेयर मार्केट में रातों-रात अमीर बनाने वाले ऑफर्स के झांसे में न आएं। अपनी बैंक डिटेल्स, ओटीपी या कोई भी व्यक्तिगत जानकारी किसी से साझा न करें। किसी भी तरह का संदेह होने पर तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचित करें।HDFC बैंक में 70 लाख का डाका, कर्मचारी ही निकले मास्टरमाइंड! 

Nidar Chhattisgarh Desk

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