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रायपुर

बजट 2025: एल्युमीनियम उद्योग की अपील – बढ़ते आयात से बचाव की मांग

रायपुर: भारत के प्रमुख एल्युमीनियम उत्पादकों की शीर्ष संस्था एल्युमीनियम ऐसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAI) ने बजट 2025 के लिए उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) को एक प्रतिनिधि प्रस्ताव सौंपा है। इस प्रस्ताव में एल्युमीनियम की महत्वपूर्ण भूमिका और बढ़ते आयात के खिलाफ सुरक्षा की मांग की गई है ताकि घरेलू बाजार में एल्युमीनियम की उपलब्धता सुरक्षित रहे और नए निवेश को आकर्षित किया जा सके। बजट 2025: एल्युमीनियम उद्योग की अपील – बढ़ते आयात से बचाव की मांग

भारत में एल्युमीनियम की खपत और मांग

AAI के अनुसार, भारत में एल्युमीनियम की प्रति व्यक्ति खपत केवल 3 किलोग्राम प्रति वर्ष है, जबकि वैश्विक औसत 12 किलो है। अनुमान है कि 2030 तक देश में एल्युमीनियम की घरेलू मांग 10 मिलियन टन सालाना तक पहुंच जाएगी। इस मांग को पूरा करने के लिए, अगले 6 वर्षों में 3 लाख करोड़ रुपए (लगभग 40 अरब डॉलर) का अतिरिक्त निवेश आवश्यक है। बजट 2025: एल्युमीनियम उद्योग की अपील – बढ़ते आयात से बचाव की मांग

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आयात पर निर्भरता और आत्मनिर्भरता की आवश्यकता

एल्युमीनियम एक रणनीतिक धातु है, जिसका उपयोग रक्षा, एयरोस्पेस, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर में होता है। AAI ने सरकार से अनुरोध किया है कि बढ़ते आयात से बचाने के लिए प्राइमरी और डाउनस्ट्रीम उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जाए। पिछले कुछ वर्षों में प्राइमरी एल्युमीनियम का आयात दोगुना हो गया है, जो घरेलू उद्योग के लिए चुनौती बन गया है। बजट 2025: एल्युमीनियम उद्योग की अपील – बढ़ते आयात से बचाव की मांग

आयात शुल्क में वृद्धि का महत्व

वर्तमान में, एल्युमीनियम के प्राइमरी गुड्स और स्क्रैप पर ड्यूटी में अंतर है, जबकि अन्य नॉन-फैरॉस धातुओं पर ऐसा नहीं है। इसलिए, AAI ने प्रस्ताव दिया है कि एल्युमीनियम स्क्रैप पर आयात शुल्क को 7.5 प्रतिशत पर रखा जाए। इससे घरेलू स्क्रैप की रिसाइक्लिंग को बढ़ावा मिलेगा और घटिया क्वालिटी के विदेशी स्क्रैप की आमद पर नियंत्रण होगा। बजट 2025: एल्युमीनियम उद्योग की अपील – बढ़ते आयात से बचाव की मांग

उद्योग में रोजगार के अवसर

बदलती नीतियों से एल्युमीनियम उद्योग में 8 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। AAI का मानना है कि 3 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त निवेश प्रधानमंत्री के “आत्मनिर्भर भारत” विज़न के अनुरूप है और इससे देश भर में 20 लाख नए रोजगार के अवसर मिलेंगे। बजट 2025: एल्युमीनियम उद्योग की अपील – बढ़ते आयात से बचाव की मांग

Nidar Chhattisgarh Desk

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