CG: अडानी की कंपनी पर आरोप, फर्जी दस्तावेजों से पेड़ों की कटाई की अनुमति, हसदेव में संकट बढ़ा

अडानी के खिलाफ गंभीर आरोप: फर्जी ग्राम सभा के दस्तावेज से मिली पेड़ काटने की अनुमति
सरगुजा। अडानी की कंपनी ने कोल ब्लॉक के लिए पेड़ काटने की अनुमति प्राप्त करने के लिए अधिकारियों द्वारा फर्जी ग्राम सभा के दस्तावेज तैयार कराए। यह मामला अब अनुसूचित जनजाति आयोग तक पहुंच चुका है, जिसने सरगुजा कलेक्टर को पत्र लिखकर हसदेव के जंगलों में पेड़ों की कटाई को तत्काल रोकने का आदेश दिया है। आयोग ने पाया कि अधिकारी आदिवासियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करके फर्जी अनुमति तैयार कर रहे थे। CG: अडानी की कंपनी पर आरोप, फर्जी दस्तावेजों से पेड़ों की कटाई की अनुमति, हसदेव में संकट बढ़ा
क्या है पूरा मामला?
अडानी की कंपनी द्वारा संचालित परसा कोल ब्लॉक के लिए अधिकारियों ने ग्राम सभा में आदिवासी समुदाय की उपस्थिति संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया। 2017 और 2018 में आयोजित ग्राम सभाओं के दस्तावेजों में बड़ी अनियमितताएं पाई गईं। उदाहरण के लिए, ग्राम साल्ही की ग्राम सभा में 150 आदिवासी दिखाए गए थे, जबकि वहां 450 आदिवासी उपस्थित थे। इसी तरह, अन्य ग्राम सभाओं में भी फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से पर्यावरणीय मंजूरी ली गई थी। CG: अडानी की कंपनी पर आरोप, फर्जी दस्तावेजों से पेड़ों की कटाई की अनुमति, हसदेव में संकट बढ़ा
5 लाख से अधिक पेड़ों की कटाई का खतरा
हसदेव क्षेत्र में अडानी के तीन कोल ब्लॉक्स के लिए करीब 10 लाख पेड़ों की कटाई की योजना है। परसा कोल ब्लॉक के लिए अब तक लाखों पेड़ काटे जा चुके हैं, और अगले चरण में और लाखों पेड़ काटे जाएंगे। हसदेव बचाओ संघर्ष समिति इस पेड़ कटाई का विरोध कर रही है और अब इस मुद्दे पर अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा जांच की गई है, जिससे फर्जी दस्तावेजों की सच्चाई सामने आई है। CG: अडानी की कंपनी पर आरोप, फर्जी दस्तावेजों से पेड़ों की कटाई की अनुमति, हसदेव में संकट बढ़ा
आयोग की रिपोर्ट में क्या है?
आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा कि अधिकारियों ने आदिवासियों को धमकाकर, फर्जी तरीके से ग्राम सभा के प्रस्ताव तैयार किए। इसके साथ ही, आयोग ने यह सिफारिश की कि पेड़ काटने की अनुमति को रद्द कर दिया जाए और फिर से ग्राम सभा आयोजित की जाए।
अब सवाल यह उठता है कि क्या अडानी पर आयोग की सिफारिशों का असर होगा? क्या मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा कर पाएंगे और इस कटाई को रोक पाएंगे? CG: अडानी की कंपनी पर आरोप, फर्जी दस्तावेजों से पेड़ों की कटाई की अनुमति, हसदेव में संकट बढ़ा



















