आरक्षक भर्ती गड़बड़ी: SIT की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, मृतक आरक्षक भी था घोटाले में शामिल

राजनांदगांव: राजनांदगांव रेंज की पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के मामले में गठित SIT ने आईजी दीपक झा को अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आत्महत्या करने वाले आरक्षक अनिल रत्नाकर खुद भी इस गड़बड़ी में शामिल था। उसने भर्ती के अभ्यर्थियों से अंक बढ़ाने के एवज में पैसे लिए थे। इसके अलावा, मृतक द्वारा लगाए गए बड़े अधिकारियों पर आरोप आधारहीन पाए गए हैं। आरक्षक भर्ती गड़बड़ी: SIT की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, मृतक आरक्षक भी था घोटाले में शामिल
SIT जांच का विवरण:
आईजी दीपक झा द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए 22 दिसंबर 2024 को एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। इस टीम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवचरण पटेल के नेतृत्व में 4 सदस्य शामिल थे। SIT ने गहन जांच में 42 गवाहों के बयान, तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR), और बैंक स्टेटमेंट का विश्लेषण किया। आरक्षक भर्ती गड़बड़ी: SIT की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, मृतक आरक्षक भी था घोटाले में शामिल
- मृतक की आत्महत्या:
जांच में पाया गया कि आरक्षक अनिल रत्नाकर ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। - भर्ती प्रक्रिया में हेरफेर:
SIT की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक अनिल रत्नाकर ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उम्मीदवारों के अंकों में हेरफेर किया। - वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता:
रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी वरिष्ठ अधिकारी की संलिप्तता के सबूत नहीं मिले हैं। आरक्षक भर्ती गड़बड़ी: SIT की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, मृतक आरक्षक भी था घोटाले में शामिल
आगामी रिपोर्ट का इंतजार:
SIT की रिपोर्ट में बताया गया है कि मृतक के फोन डेटा की रिकवरी, हाथ पर लिखे नोट की हस्तलिपि जांच, और विसरा परीक्षण रिपोर्ट अभी लंबित हैं। इन तकनीकी रिपोर्टों के बाद अंतिम निष्कर्ष पेश किया जाएगा। आरक्षक भर्ती गड़बड़ी: SIT की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, मृतक आरक्षक भी था घोटाले में शामिल



















