जलगांव ट्रेन हादसा: घुमावदार पटरियों के कारण 13 लोगों की जान जा सकती थी

जलगांव: कर्नाटक एक्सप्रेस हादसा और पटरियों के घुमावदार मोड़ों की भूमिका
क्या घुमावदार पटरियां थीं हादसे की वजह?
महाराष्ट्र के जलगांव जिले में बुधवार शाम कर्नाटक एक्सप्रेस और पुष्पक एक्सप्रेस के बीच एक भीषण ट्रेन हादसा हुआ, जिसमें कम से कम 12 यात्रियों की मौत हो गई और 15 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब कर्नाटक एक्सप्रेस में आग की अफवाह फैलने के बाद कुछ यात्री अपनी जान बचाने के लिए पटरी पर उतर आए थे। इससे पहले, अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना घुमावदार पटरियों के कारण हुई, जिससे कर्नाटक एक्सप्रेस की दृश्यता प्रभावित हुई और ट्रेन चालक को समय पर ब्रेक लगाने में कठिनाई आई। जलगांव ट्रेन हादसा: घुमावदार पटरियों के कारण 13 लोगों की जान जा सकती थी
कैसे हुई यह दुर्घटना?
घटना जलगांव जिले में स्थित परधाडे और माहेजी रेलवे स्टेशनों के बीच हुई। अधिकारियों ने बताया कि दोनों रेलगाड़ियों के चालकों ने दुर्घटना को रोकने के लिए सभी प्रोटोकॉल का पालन किया था। पुष्पक एक्सप्रेस के चालक ने फ्लैशर लाइट ऑन किया था, लेकिन कर्नाटक एक्सप्रेस के चालक को इसका असर घुमावदार पटरियों की वजह से सही से दिखाई नहीं दिया और ब्रेक लगाने में देर हो गई। जलगांव ट्रेन हादसा: घुमावदार पटरियों के कारण 13 लोगों की जान जा सकती थी
रेलवे अधिकारियों की जांच जारी
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस हादसे की पूरी जांच की जाएगी और हादसे के कारणों का पता लगाया जाएगा। मध्य रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कर्नाटक एक्सप्रेस और पुष्पक एक्सप्रेस के चालक दुर्घटना से बचने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे थे, लेकिन घुमावदार पटरियों और दृश्यता की कमी ने उनके प्रयासों को नाकाम कर दिया। जलगांव ट्रेन हादसा: घुमावदार पटरियों के कारण 13 लोगों की जान जा सकती थी
सीआरएस जांच दल घटनास्थल पर पहुंचा
सीआरएस (सेंट्रल सर्कल) के अधिकारी मनोज अरोड़ा ने गुरुवार को घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि यात्री और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जाएंगे। दुर्घटना में शामिल ट्रेन के चालक दल से भी बात की जाएगी। जलगांव ट्रेन हादसा: घुमावदार पटरियों के कारण 13 लोगों की जान जा सकती थी



















