दिल्ली में बेखौफ लुटेरे: सब इंस्पेक्टर की मां से लूट, IPS नंबर प्लेट वाली गाड़ी का इस्तेमाल

दिल्ली में बेखौफ लुटेरे: सब इंस्पेक्टर की मां से लूट, IPS नंबर प्लेट वाली गाड़ी का इस्तेमाल
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब पुलिसकर्मियों के परिवार भी सुरक्षित नहीं हैं। मंगोलपुरी इलाके में दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर की मां के साथ लूटपाट की वारदात हुई, जिसमें अपराधियों ने IPS अधिकारी के नंबर प्लेट वाली गाड़ी का इस्तेमाल किया। दिल्ली में बेखौफ लुटेरे
कैसे हुई वारदात?
पीड़िता मोहन देवी ने बताया कि वह अपनी भतीजी के साथ मंगोलपुरी वाई ब्लॉक में बस का इंतजार कर रही थीं। पहली बस भीड़ से भरी हुई थी, इसलिए वे दूसरी बस का इंतजार करने लगीं। तभी उनके पास खड़ा एक व्यक्ति बातचीत सुन रहा था और उसने कहा कि उसे भी उसी दिशा में जाना है। दिल्ली में बेखौफ लुटेरे
कुछ ही देर बाद एक गाड़ी उनके पास आकर रुकी।
- गाड़ी में बैठे लोगों ने उस व्यक्ति से पूछा, “कहां जाना है?”
- उसने एक स्थान का नाम लिया और कहा कि ये महिलाएं भी वहीं जा रही हैं।
- इसके बाद महिला और उनकी भतीजी को जबरन गाड़ी में बैठा लिया गया।
- गाड़ी के अंदर अपराधियों ने डराया-धमकाया और लूटपाट को अंजाम दिया।
फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मंगोलपुरी थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है – वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी का नंबर प्लेट फर्जी था।
- आरोपियों ने एक IPS अधिकारी के वाहन के नंबर का दुरुपयोग किया था।
- पुलिस ने कहा कि अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दिल्ली में बढ़ते अपराध: पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
इस घटना ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- राजधानी में अपराधी IPS नंबर प्लेट वाली गाड़ियों का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
- यह दर्शाता है कि अपराधी बेखौफ हैं और नकली पुलिस या सरकारी वाहनों का दुरुपयोग कर लोगों को ठग रहे हैं।
- पीड़िता का बेटा खुद दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर है, फिर भी उसके परिवार को लूट का शिकार होना पड़ा।
पुलिस क्या कर रही है?
- मंगलपुरी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।
- फर्जी नंबर प्लेट की सच्चाई निकालने के लिए RTO से गाड़ी का असली मालिक ट्रेस किया जा रहा है।
- पुलिस संभावित गैंग की पहचान कर अपराधियों को जल्द पकड़ने का दावा कर रही है।
राजधानी में सुरक्षित कौन?
यह घटना दिखाती है कि अपराधी नई-नई तकनीकों और तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। नकली सरकारी गाड़ियां, फर्जी नंबर प्लेट और लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर लूटपाट करना एक नई आपराधिक प्रवृत्ति बनती जा रही है।
दिल्लीवासियों को अलर्ट रहने की जरूरत है। यदि कोई अजनबी आपको गाड़ी में बैठने का ऑफर दे, तो सावधान रहें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।
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