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महादेव सट्टा एप घोटाले में पुलिस पर गंभीर आरोप: एडिशनल एसपी का नाम चार्जशीट में, ईडी की जासूसी करता था ‘मुखबिरी नेटवर्क’

महादेव सट्टा एप घोटाले में पुलिस पर गंभीर आरोप: एडिशनल एसपी का नाम चार्जशीट में, ईडी की जासूसी करता था मुखबिरी नेटवर्क

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव सट्टा एप घोटाले में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट के मुताबिक, इस घोटाले के मास्टरमाइंड्स को बचाने के लिए एक पूरा खुफिया नेटवर्क खड़ा किया गया था, जिसमें पुलिस अफसर, होटल कर्मचारी, चाय वाले और सरकारी दफ्तरों के कर्मचारी तक शामिल थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस नेटवर्क का संचालन खुद एक एडिशनल एसपी के संरक्षण में हो रहा था। महादेव सट्टा एप घोटाले में पुलिस पर गंभीर आरोप

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एडिशनल एसपी ने बनाया पुलिस मुखबिरों का नेटवर्क!

ईडी की जांच रिपोर्ट के अनुसार रायपुर के तत्कालीन एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी ने एएसआई चंद्रभूषण वर्मा को जिम्मा सौंपा था कि वे ईडी और आईटी जैसी केंद्रीय एजेंसियों की हर गतिविधि पर नजर रखें। वर्मा इस जानकारी को सट्टा किंगपिन्स तक व्हाट्सएप के जरिए पहुंचाते थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस सूचना से पहले ही सट्टेबाजों को रेड की जानकारी मिल जाती थी और वे सबूत मिटाकर फरार हो जाते थे। महादेव सट्टा एप घोटाले में पुलिस पर गंभीर आरोप

? राजधानी के बड़े होटल बने ‘खुफिया अड्डे’

ईडी की जांच में सामने आया कि राजधानी रायपुर के नामी होटल जैसे:

  • VW Canyon
  • ग्रैंड इंपीरिया
  • बेबीलोन कैपिटल
  • ट्राइटन

इन होटलों में जैसे ही कोई केंद्रीय एजेंसी का अधिकारी रुकता, हेड कांस्टेबल संदीप दीक्षित और राधाकांत पांडे को तुरंत सूचना दी जाती। ये अधिकारी फिर एडिशनल एसपी को रिपोर्ट करते और सारा डाटा सट्टा नेटवर्क तक पहुंच जाता था महादेव सट्टा एप घोटाले में पुलिस पर गंभीर आरोप

? चायवाले, वेंडर, चपरासी तक शामिल!

जांच एजेंसियों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए होटल स्टाफ से लेकर चाय बेचने वालों तक का इस्तेमाल किया जा रहा था। ईडी दफ्तर के बाहर भी लोकल मुखबिर तैनात थे, जो हर मूवमेंट की रिपोर्ट अपने ‘सुपीरियर्स’ को भेजते थे। महादेव सट्टा एप घोटाले में पुलिस पर गंभीर आरोप

?️ एएसआई का कबूलनामा

पूछताछ में एएसआई चंद्रभूषण वर्मा ने स्वीकार किया कि उन्होंने एडिशनल एसपी के कहने पर यह खुफिया नेटवर्क चलाया और कई बार व्हाट्सएप पर अलर्ट मैसेज भेजे। उन्होंने यह भी माना कि यह पूरी योजना अधिकारियों को बचाने और कार्रवाई टालने के मकसद से बनाई गई थी। महादेव सट्टा एप घोटाले में पुलिस पर गंभीर आरोप

⚖️ सवालों के घेरे में ‘खाकी’

इस खुलासे ने छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जब वर्दीधारी ही मुखबिर बन जाएं, तो फिर निष्पक्ष जांच की उम्मीद करना कितना जायज है? महादेव सट्टा एप घोटाले में पुलिस पर गंभीर आरोप

  • ईडी की चार्जशीट में रायपुर के एडिशनल एसपी का नाम
  • पुलिस, होटल स्टाफ और चायवाले भी शामिल थे मुखबिरी नेटवर्क में
  • सट्टेबाजों को पहले ही मिल जाती थी रेड की सूचना
  • महादेव एप घोटाला बना ‘सत्ता, सट्टा और सिस्टम’ की तिकड़ी का प्रतीक

 

Nidar Chhattisgarh Desk

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