रायपुर: 15 करोड़ की लागत, 3 साल का इंतजार… फिर भी सरोना में कचरे का अंबार जस का तस

रायपुर: 15 करोड़ की लागत, 3 साल का इंतजार… फिर भी सरोना में कचरे का अंबार जस का तस
? मुख्य समस्याएं:-
तय समयसीमा से 18 महीने पीछे
मशीनों की संख्या आज तक नहीं बढ़ाई गई
WhatsApp Group Join NowFacebook Page Follow NowYouTube Channel Subscribe NowTelegram Group Follow NowInstagram Follow NowDailyhunt Join NowGoogle News Follow Us!कंपनी की लापरवाही पर नहीं हुई सख्त कार्रवाई
भारी बारिश से काम पूरी तरह रुकने की आशंका
रायपुर। सरोना में कचरे का अंबार जस का तस, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सरोना इलाके में वर्षों से जमा कचरे को हटाने के लिए नगर निगम ने 15 करोड़ रुपये का ठेका जारी किया था। तय समयसीमा 18 महीने थी, लेकिन अब तीन साल बीतने को हैं और हालात पहले जैसे ही बने हुए हैं। ठेका लेने वाली कंपनी की लापरवाही से न सिर्फ परियोजना अधर में है, बल्कि बारिश के चलते काम पूरी तरह रुकने की नौबत आ गई है।
2022 में दिया गया था काम, दिसंबर 2024 तक खत्म करना था प्रोजेक्ट
नगर निगम ने सरोना डंप साइट के रिमेडिएशन कार्य के लिए जून 2022 में अनुबंध किया था। ठेका मेसर्स हिल ब्रो मैटेलिक एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड – इनवारों ऑर्गेनिक वर्क्स एंड सप्लायर्स (JV) को दिया गया। शर्तों के अनुसार, कंपनी को 18 महीनों में कचरा हटाकर जमीन को साफ करना था। बाद में 6 माह की अतिरिक्त मोहलत भी दी गई, यानी दिसंबर 2024 तक अंतिम डेडलाइन तय हुई।सरोना में कचरे का अंबार जस का तस
न मशीनें बढ़ीं, न काम में दिखी तेजी
बार-बार चेतावनी और निरीक्षण के बावजूद एजेंसी ने साइट पर न तो मशीनों की संख्या बढ़ाई और न ही काम की रफ्तार में कोई सुधार किया। पूर्व निगम आयुक्त मयंक चतुर्वेदी और अविनाश मिश्रा सहित निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी निरीक्षण कर चुके हैं, पर कंपनी पर कोई असर नहीं पड़ा।सरोना में कचरे का अंबार जस का तस
विधायक ने दिए थे निर्देश, फिर भी नहीं हुआ कुछ
क्षेत्रीय विधायक राजेश मूणत ने 15 जून तक काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। लेकिन नतीजा शून्य रहा। अब भारी बारिश के चलते डंप साइट पर पानी भरने का खतरा बढ़ गया है, जिससे मशीनें और कामकाज दोनों ठप हो सकते हैं।सरोना में कचरे का अंबार जस का तस
न ब्लैकलिस्टेड किया, न भुगतान रोका
सवाल ये उठता है कि इतना सब कुछ होने के बावजूद एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई? न उसे ब्लैकलिस्ट किया गया, न ही भुगतान रोका गया। यह लापरवाही नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।सरोना में कचरे का अंबार जस का तस



















