
नवा रायपुर ठगी मामला: पहले निर्दोष, अब गिरफ्तार! मास्टरमाइंड का सहयोगी आशीष शिंदे पुलिस रिमांड पर
मुख्य बिंदु:
स्मार्ट सिटी और नवा रायपुर में काम दिलाने के नाम पर हुए करोड़ों के घोटाले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई।
WhatsApp Group Join NowFacebook Page Follow NowYouTube Channel Subscribe NowTelegram Group Follow NowInstagram Follow NowDailyhunt Join NowGoogle News Follow Us!मुख्य आरोपी केके श्रीवास्तव के सहयोगी आशीष शिंदे को साक्ष्य मिटाने और आरोपी को छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले ही पुलिस ने आशीष को क्लीन चिट दी थी, जिसके बाद अब यू-टर्न लिया है।
रायपुर: नवा रायपुर ठगी मामला: पहले निर्दोष, अब गिरफ्तार! , छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हुए बहुचर्चित स्मार्ट सिटी और नवा रायपुर प्रोजेक्ट घोटाले में एक नया मोड़ आया है। तेलीबांधा पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी केके श्रीवास्तव के करीबी सहयोगी आशीष शिंदे को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आशीष पर घोटाले के मास्टरमाइंड को बचाने, उसे छिपाने और मामले से जुड़े सबूतों को नष्ट करने की कोशिश करने का गंभीर आरोप है।
कहानी में ट्विस्ट: जब पुलिस ने ही माना था निर्दोष
इस मामले की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कुछ समय पहले तेलीबांधा पुलिस ने ही कोर्ट में एक प्रतिवेदन पेश कर आशीष शिंदे को आरोपी नहीं माना था। पुलिस की इसी रिपोर्ट के आधार पर माननीय न्यायालय ने 4 जुलाई को आशीष को दोषमुक्त कर दिया था। लेकिन अब, जांच में नए तथ्य सामने आने के बाद पुलिस ने अपना रुख बदलते हुए आशीष को सह-आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया है।नवा रायपुर ठगी मामला: पहले निर्दोष, अब गिरफ्तार!
तीन दिन की रिमांड पर, खुलेंगे कई राज
गिरफ्तारी के बाद तेलीबांधा पुलिस ने आशीष शिंदे को सीजेएम गिरीश मंडावी की अदालत में पेश किया। पुलिस ने अदालत को बताया कि 15 करोड़ रुपये की ठगी के इस मामले में आशीष की भूमिका संदिग्ध है और विस्तृत पूछताछ के लिए उसे रिमांड पर लेना आवश्यक है। अदालत ने पुलिस की दलीलें सुनने के बाद आशीष शिंदे को तीन दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड की अवधि पूरी होने पर उसे 11 जुलाई को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।नवा रायपुर ठगी मामला: पहले निर्दोष, अब गिरफ्तार!
मास्टरमाइंड पहले ही सलाखों के पीछे
इस धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी केके श्रीवास्तव पहले से ही न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। श्रीवास्तव पर आरोप है कि उसने कई लोगों को स्मार्ट सिटी और नवा रायपुर में बड़े काम दिलाने का झांसा देकर उनसे करोड़ों रुपये की ठगी की थी। अब पुलिस को उम्मीद है कि आशीष शिंदे से पूछताछ के बाद इस घोटाले से जुड़े कई और बड़े राज खुल सकते हैं और कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है।नवा रायपुर ठगी मामला: पहले निर्दोष, अब गिरफ्तार!
पुलिस अधिकारी ने की पुष्टि
तेलीबांधा थाना प्रभारी नरेंद्र मिश्रा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, “केके श्रीवास्तव के धोखाधड़ी प्रकरण में आशीष शिंदे को सह-आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया गया है। उसे पूछताछ के लिए तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।”नवा रायपुर ठगी मामला: पहले निर्दोष, अब गिरफ्तार!


















