कैटल फ्री जोन बना दिखावा! रायपुर की सड़कों पर मवेशियों का कब्जा, जान जोखिम में डाल चल रहे वाहन चालक

कैटल फ्री जोन बना दिखावा! रायपुर की सड़कों पर मवेशियों का कब्जा, जान जोखिम में डाल चल रहे वाहन चालक
बरसात में बढ़ा खतरा, ना कोई रोक-टोक, ना नजर रखने वाला… नगर निगम की लापरवाही से राजधानी खतरे में
रायपुर। कैटल फ्री जोन बना दिखावा! छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कैटल फ्री जोन का दावा अब सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है। सड़कों, चौराहों, ओवरब्रिज के नीचे, रिंग रोड हो या भीड़भाड़ वाले बाजार – हर जगह आवारा मवेशियों का कब्जा है। वाहन चालक अपनी और मवेशियों की जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं।
? कैमरे में कैद हुआ शहर का सच
पत्रिका टीम ने राजधानी के दर्जनभर से ज्यादा इलाकों का निरीक्षण किया और कैमरे में मवेशियों की मौजूदगी को कैद किया। दिन हो या रात, हर वक्त सड़कों पर गाय-भैंसें घूमती नजर आती हैं। रात के समय ये अधिक खतरनाक साबित होते हैं, क्योंकि रेडियम पट्टियां तक नहीं लगाई गई हैं, जिससे ये नजर नहीं आते।कैटल फ्री जोन बना दिखावा!
? कांजी हाउस की हालत खस्ता, क्षमता से बाहर
नगर निगम द्वारा बनाए गए कांजी हाउस में अब मवेशियों को रखने की कोई जगह नहीं बची। पिछले साल जब एक हाईकोर्ट जज की कार मवेशियों के बीच फंस गई थी, तब अस्थायी रूप से अभियान चलाया गया था, लेकिन अब फिर से स्थिति जस की तस बनी हुई है।कैटल फ्री जोन बना दिखावा!
?️ बरसात में और गंभीर होती समस्या
बरसात के मौसम में फिसलन और गोबर की वजह से हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
गोबर वाहनों के पहियों में चिपककर दूर-दूर तक फैलता है, जिससे साफ-सफाई पर भी गंभीर असर पड़ता है।कैटल फ्री जोन बना दिखावा!
राममणि यादव, पूर्व उपसंचालक, नगरीय प्रशासन कहते हैं—
“जब तक सिस्टम को जमीनी स्तर पर लागू नहीं किया जाएगा, तब तक किसी भी व्यवस्था का कोई मतलब नहीं है। रायपुर की हर सड़क अब दुर्घटना क्षेत्र बन चुकी है।”
?⚕️ निगम का दावा: कार्रवाई जारी है
विनोद पांडेय, अपर आयुक्त, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम ने कहा—
“काऊ कैचर अभियान बंद नहीं हुआ है। जोन स्तर पर लगातार कार्रवाई हो रही है। गोपालकों को जुर्माना भी किया जा रहा है। जल्द ही अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा।”
? सड़क सुरक्षा भगवान भरोसे!
न आवारा मवेशियों की पहचान के लिए रेडियम पट्टी
न ही रात में देखने लायक व्यवस्था
वाहन चालकों की सुरक्षा अब उनकी खुद की जिम्मेदारी बन गई है।
? समस्या के मुख्य कारण
नगर निगम की लचर व्यवस्था
कांजी हाउस की सीमित क्षमता
निगरानी और रेडियम टैगिंग की कमी
मानसून में हालात और खराब



















