
छत्तीसगढ़ के 7 महाघोटाले: 15,000 करोड़ की अवैध वसूली का पर्दाफाश, जानें कैसे हुआ ब्लैक मनी को व्हाइट करने का खेल
मुख्य बातें:
छत्तीसगढ़ में पिछले 5 सालों में हुए 7 बड़े घोटालों से 15,000 करोड़ से ज्यादा की काली कमाई का खुलासा।
WhatsApp Group Join NowFacebook Page Follow NowYouTube Channel Subscribe NowTelegram Group Follow NowInstagram Follow NowDailyhunt Join NowGoogle News Follow Us!घोटालों में मंत्री, नौकरशाह और व्यापारियों का सिंडिकेट बनाकर कमीशनखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग का चला खेल।
महादेव सट्टा, शराब, कोयला से लेकर भारतमाला मुआवजा तक, हर योजना में हुआ भ्रष्टाचार।
ED, EOW और CBI की ताबड़तोड़ कार्रवाइयों में 50 से अधिक लोग पहुंचे सलाखों के पीछे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के 7 महाघोटाले: 15,000 करोड़ की अवैध वसूली का पर्दाफाश, छत्तीसगढ़ के 25 साल के इतिहास में, पिछले पांच साल प्रदेश के दामन पर 7 बड़े घोटालों के दाग बनकर उभरे हैं। इन घोटालों के जरिए एक संगठित सिंडिकेट ने 15,000 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की अवैध वसूली और कमीशनखोरी का खेल खेला। इस सिंडिकेट में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के मंत्री से लेकर प्रदेश के शीर्ष नौकरशाह, बड़े व्यापारी और ठेकेदार तक शामिल थे। इन्हीं घोटालों के कारण प्रदेश में प्रवर्तन निदेशालय (ED), आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसियां लगातार सक्रिय रहीं और परत-दर-परत इन महाघोटालों का पर्दाफाश करती रहीं।
1. महादेव सट्टा ऐप घोटाला (₹6000 करोड़): युवाओं को फंसाकर अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी
यह देश के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटालों में से एक है। महादेव ऐप के जरिए युवाओं को कम समय में अमीर बनने का लालच देकर सट्टे के जाल में फंसाया गया।छत्तीसगढ़ के 7 महाघोटाले: 15,000 करोड़ की अवैध वसूली का पर्दाफाश
मुख्य आरोपी: सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और शुभम सोनी फरार हैं, जिनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुका है।
कार्रवाई: ED ने इस मामले में 9000 से ज्यादा पन्नों का परिवाद पेश किया है। चंद्रभूषण वर्मा, सतीश चंद्राकर समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामला अब CBI को सौंपा जा चुका है।
2. शराब घोटाला (₹3200 करोड़): सिंडिकेट बनाकर सरकारी खजाने को चूना
2019 से 2022 के बीच हुए इस घोटाले में एक संगठित सिंडिकेट ने शराब की बिक्री में हेरफेर कर हजारों करोड़ की काली कमाई की।छत्तीसगढ़ के 7 महाघोटाले: 15,000 करोड़ की अवैध वसूली का पर्दाफाश
मुख्य आरोपी: तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व IAS अनिल टूटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर और त्रिलोक सिंह ढिल्लन जेल में हैं।
कार्रवाई: 29 आबकारी अधिकारियों और 8 डिस्टलरी संचालकों को आरोपी बनाया गया है। ED और EOW ने 30,000 से ज्यादा पन्नों के चालान पेश किए हैं।
पूर्व CM का बेटा भी शिकंजे में: ED ने इस मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को भी गिरफ्तार किया है। उन पर घोटाले के जरिए 16.70 करोड़ रुपए प्राप्त करने का आरोप है।
3. CGMSC घोटाला (₹660 करोड़): मेडिकल उपकरणों की खरीद में भ्रष्टाचार
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) में चिकित्सा उपकरणों और रसायनों की खरीद में जमकर धांधली की गई।छत्तीसगढ़ के 7 महाघोटाले: 15,000 करोड़ की अवैध वसूली का पर्दाफाश
मुख्य आरोपी: तत्कालीन प्रभारी महाप्रबंधक बसंत कुमार कौशिक, बायो-मेडिकल इंजीनियर छिरोद रौतिया, उप-प्रबंधक कमलकांत पाटनवार और मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा को EOW ने गिरफ्तार किया है।
कार्रवाई: आरोपियों के खिलाफ 18 हजार पन्नों का चालान पेश किया जा चुका है।
4. भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला: सरकारी जमीन की बंदरबांट
करोड़ों की भारतमाला परियोजना में मुआवजा वितरण में बड़ा घोटाला किया गया।छत्तीसगढ़ के 7 महाघोटाले: 15,000 करोड़ की अवैध वसूली का पर्दाफाश
मुख्य आरोपी: अभनपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष कुंदन बघेल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य खेमराज कोसले, जमीन दलाल और जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों को EOW ने गिरफ्तार किया है।
कार्रवाई: अब तक करीब 48 करोड़ के घोटाले के इनपुट मिले हैं। संभागायुक्त द्वारा गठित विशेष टीम भी मामले की जांच कर रही है।
5. DMF घोटाला (₹575 करोड़): खनिज निधि में कमीशन का खेल
जिला खनिज न्यास निधि (DMF) की राशि में बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी कर अपने चहेतों को फायदा पहुंचाया गया।छत्तीसगढ़ के 7 महाघोटाले: 15,000 करोड़ की अवैध वसूली का पर्दाफाश
मुख्य आरोपी: निलंबित IAS अधिकारी रानू साहू, मुख्यमंत्री कार्यालय की तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया, व्यवसायी सूर्यकांत तिवारी समेत कई अधिकारियों को आरोपी बनाया गया।
कार्रवाई: EOW ने 6000 पन्नों का चालान पेश किया है। हालांकि, रानू साहू और सौम्या चौरसिया को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
6. कस्टम मिलिंग घोटाला (₹140 करोड़): चावल मिलरों से प्रति क्विंटल वसूली
कस्टम मिलिंग के एवज में राइस मिलरों से 20 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से अवैध कमीशन की वसूली की गई।छत्तीसगढ़ के 7 महाघोटाले: 15,000 करोड़ की अवैध वसूली का पर्दाफाश
मुख्य आरोपी: मार्कफेड के तत्कालीन MD मनोज सोनी और राइस मिल एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया।
कार्रवाई: इस घोटाले के तार भी शराब घोटाले के आरोपियों अनिल टूटेजा और अनवर ढेबर से जुड़े हैं।
7. कोयला घोटाला (₹570 करोड़): ₹25 प्रति टन का ‘गुंडा टैक्स’
कोयले के परिवहन पर 25 रुपए प्रति टन के हिसाब से अवैध लेवी (कमीशन) वसूली गई।छत्तीसगढ़ के 7 महाघोटाले: 15,000 करोड़ की अवैध वसूली का पर्दाफाश
मुख्य आरोपी: सूर्यकांत तिवारी, निलंबित IAS समीर विश्नोई, रानू साहू और सौम्या चौरसिया मुख्य आरोपी थे।
कार्रवाई: कई आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, जबकि कुछ फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हाल ही में हुई है।



















