
रेत का ‘काला खेल’: बिलासपुर में छापा, 5 ट्रैक्टर जब्त! परदे के पीछे जांजगीर से चल रहा करोड़ों का अवैध खनन?
बिलासपुर में छापा, 5 ट्रैक्टर जब्त!, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में खनिज विभाग ने रेत माफिया पर कार्रवाई का डंका तो पीटा है, लेकिन क्या यह सिर्फ एक छोटी मछली पर कार्रवाई है, जबकि असली ‘मगरमच्छ’ कहीं और खुलेआम खेल कर रहे हैं? विभाग ने बिलासपुर के कई इलाकों में एक साथ दबिश देकर अवैध रेत से भरे 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं और 700 घनमीटर अवैध रेत भंडारण का भी पर्दाफाश किया है।
खनिज विभाग का एक्शन, लेकिन क्या यह सिर्फ दिखावा है?
यह बड़ी कार्रवाई बिलासपुर के जोगीपुर, आमागोहन और नगोई जैसे इलाकों में की गई। जब्त किए गए वाहनों को रतनपुर और बेलगहना पुलिस की सुरक्षा में रखा गया है। हालांकि यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या इससे रेत के उस विशाल अवैध साम्राज्य पर कोई असर पड़ेगा, जिसकी जड़ें पड़ोसी जिले जांजगीर-चांपा में गहरी जमी हुई हैं? बिलासपुर में छापा, 5 ट्रैक्टर जब्त!
असली खेल जांजगीर में: बिना नीलामी के घाट, राजनीतिक संरक्षण में माफिया राज
इस पूरे अवैध कारोबार की असली वजह जांजगीर-चांपा जिले में रेत घाटों की नीलामी का न होना है। हसदेव और महानदी से भरपूर इस जिले में अधिकांश रेत घाटों पर राजनीतिक संरक्षण प्राप्त बाहुबलियों ने कब्जा कर रखा है। बिलासपुर में छापा, 5 ट्रैक्टर जब्त!
कैसे हो रहा है खनन: ये माफिया नदी में बड़ी-बड़ी मशीनें उतारकर दिन-रात रेत का अवैध उत्खनन कर रहे हैं।
कैसे हो रही है तस्करी: रात के अंधेरे में हाईवा और बड़े ट्रकों के जरिए इस रेत को बिलासपुर और मुंगेली जैसे जिलों में ऊंची कीमतों पर बेचा जा रहा है।
सरकार को करोड़ों का चूना: इस अवैध कारोबार के चलते सरकार को हर महीने करोड़ों रुपये के राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।
आम आदमी की जेब पर डाका: दोगुने हुए रेत के दाम, प्रधानमंत्री आवास भी अटका
इस माफिया राज का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। जांजगीर-चांपा और आस-पास के जिलों में रेत की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। बिलासपुर में छापा, 5 ट्रैक्टर जब्त!
महंगा हुआ घर बनाना: रेत के आसमान छूते दामों के कारण आम लोगों के लिए अपना घर बनाना एक सपना बनता जा रहा है।
सरकारी योजनाएं प्रभावित: गरीबों के लिए बनने वाले प्रधानमंत्री आवास जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाएं भी रेत की किल्लत और महंगाई के कारण प्रभावित हो रही हैं।
शिकायतें होने पर खनिज विभाग की कभी-कभार होने वाली कार्रवाई इन माफियाओं के हौसले पस्त करने के लिए नाकाफी साबित हो रही है। अब जरूरत इस बात की है कि सरकार इस मुद्दे पर कोई ठोस और स्थायी नीति बनाए ताकि रेत माफिया पर अंकुश लग सके और आम लोगों को राहत मिल सके। बिलासपुर में छापा, 5 ट्रैक्टर जब्त!



















