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छत्तीसगढ़ में बिजली पर संग्राम: कांग्रेस ने पूछा- ‘मुफ्त बिजली देनी है तो सोलर पैनल फ्री क्यों नहीं?’, BJP का पलटवार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली पर संग्राम: कांग्रेस ने पूछा- ‘मुफ्त बिजली देनी है तो सोलर पैनल फ्री क्यों नहीं?’, BJP का पलटवार, छत्तीसगढ़ में बिजली बिल और केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर योजना’ को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है, वहीं सरकार ने इसे कांग्रेस के “पेट का दर्द” बताकर पलटवार किया है। इस सियासी खींचतान के बीच, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के आदिवासी अंचलों के विकास के लिए एक बड़ी पहल की घोषणा की है।

पीएम सूर्य घर योजना पर कांग्रेस का हमला

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए ‘पीएम सूर्य घर योजना’ की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि:

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  • एक उपभोक्ता को सोलर पैनल लगाने की लागत वसूलने में ही 18 साल लग जाएंगे।

  • जिस गति से सब्सिडी दी जा रही है, उससे राज्य के 80 लाख उपभोक्ताओं को कवर करने में 127 साल लगेंगे।

कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि अगर मुफ्त बिजली ही देनी है तो या तो सोलर पैनल पूरी तरह से फ्री में लगाए जाएं, या फिर जब तक बिजली फ्री नहीं हो जाती, तब तक कांग्रेस सरकार की ‘हाफ बिजली बिल योजना’ को फिर से चालू रखा जाए।छत्तीसगढ़ में बिजली पर संग्राम: कांग्रेस ने पूछा- ‘मुफ्त बिजली देनी है तो सोलर पैनल फ्री क्यों नहीं?

डिप्टी सीएम अरुण साव का जवाब

कांग्रेस के इन आरोपों पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने कहा, “जब भी कोई जनहित का काम होता है तो कांग्रेस के पेट में दर्द होता है। इसी पेट दर्द के कारण कांग्रेसी कुछ भी बड़बड़ाने लगते हैं। हम पीएम सूर्य घर योजना के तहत लोगों को सब्सिडी दे रहे हैं और यह एक सफल योजना है।”छत्तीसगढ़ में बिजली पर संग्राम: कांग्रेस ने पूछा- ‘मुफ्त बिजली देनी है तो सोलर पैनल फ्री क्यों नहीं?

सरकार की नई पहल: ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ होगा शुरू

इस सियासी खींचतान के बीच, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए एक बड़े अभियान की घोषणा की है। ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ नामक यह पहल 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक चलाई जाएगी।छत्तीसगढ़ में बिजली पर संग्राम: कांग्रेस ने पूछा- ‘मुफ्त बिजली देनी है तो सोलर पैनल फ्री क्यों नहीं?

अभियान का मुख्य उद्देश्य:
इस अभियान का लक्ष्य जनजातीय अंचलों में सेवा, समर्पण और सुशासन की भावना के साथ शासकीय योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचाना है।छत्तीसगढ़ में बिजली पर संग्राम: कांग्रेस ने पूछा- ‘मुफ्त बिजली देनी है तो सोलर पैनल फ्री क्यों नहीं?

अभियान की मुख्य बातें:

  • दायरा: यह अभियान राज्य के 28 जिलों, 128 विकासखंडों और 6,650 आदिवासी बहुल गांवों को कवर करेगा।

  • कैडर निर्माण: अभियान को सफल बनाने के लिए ग्राम स्तर पर 1,33,000 से अधिक कैडर तैयार किए जाएंगे, जिनमें एनजीओ, स्वयंसेवी, युवा और पंचायत प्रतिनिधि शामिल होंगे। ये कैडर आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी योजनाओं को धरातल पर उतारने में मदद करेंगे।

  • आदि सेवा केंद्र: हर चयनित गांव में एक “आदि सेवा केंद्र” स्थापित किया जाएगा, जो सरकारी सेवाओं और जनभागीदारी का केंद्र बनेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए ताकि जनजातीय परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से जल्द से जल्द लाभान्वित किया जा सके।छत्तीसगढ़ में बिजली पर संग्राम: कांग्रेस ने पूछा- ‘मुफ्त बिजली देनी है तो सोलर पैनल फ्री क्यों नहीं?

Dr. Tarachand Chandrakar

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