बाल विवाह पर प्रशासन का ‘महा-अलर्ट’: कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन और विशेष टीमें गठित, देवउठनी पर कड़ी नजर
कलेक्टर ने की अपील - "बाल विवाह की सूचना दें, बच्चों का भविष्य सुरक्षित करें; दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई"

छतरपुर: बाल विवाह रोकने को लेकर प्रशासन ने कसी कमर, पूरे जिले में जारी हुआ ‘अलर्ट’
छतरपुर : बाल विवाह पर प्रशासन का ‘महा-अलर्ट’: कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन और विशेष टीमें गठित, देवउठनी पर कड़ी नजर. देवउठनी एकादशी और आने वाले विवाह सीजन को देखते हुए छतरपुर जिला प्रशासन ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए पूरे जिले में हाई-अलर्ट जारी कर दिया है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशानुसार, नाबालिग बच्चों की शादी कराने या उसमें सहयोग करने को कानूनन अपराध घोषित करते हुए, प्रशासन ने अब ऐसे कृत्यों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसी क्रम में, जिला और विकासखंड स्तर पर नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किए गए हैं और विशेष निगरानी टीमों का गठन किया गया है, जो किसी भी बाल विवाह की सूचना पर तुरंत कार्रवाई करेंगी।
तत्काल कार्रवाई के लिए कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर जारी
बाल विवाह की घटनाओं पर प्रभावी ढंग से रोक लगाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जहाँ कोई भी व्यक्ति कभी भी शिकायत या सूचना दे सकता है।बाल विवाह पर प्रशासन का ‘महा-अलर्ट’
जिला कंट्रोल रूम मोबाइल नंबर: 8516841808
महिला एवं बाल विकास कॉल सेंटर: 07682-181
चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
पुलिस सहायता के लिए: डायल 112
इसके अतिरिक्त, जिले के सभी विकासखंडों में भी स्थानीय स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जिनके संपर्क नंबर जारी किए गए हैं। (विकासखंडवार अधिकारियों की सूची लेख के अंत में संलग्न)।बाल विवाह पर प्रशासन का ‘महा-अलर्ट’
विशेष टीमें करेंगी त्वरित कार्रवाई और जागरूकता अभियान
प्रशासन द्वारा गठित विशेष टीमें विवाह स्थलों, मैरिज गार्डन, बैंड-बाजा संचालकों, हलवाई, ब्यूटी पार्लर, प्रिंटिंग प्रेस और धार्मिक संस्थानों से जुड़े लोगों से लगातार संपर्क में रहेंगी। इन सभी से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वे किसी भी विवाह आयोजन से पहले वर और वधू दोनों की आयु के प्रमाण पत्र अवश्य देखें। जिला महिला बाल विकास अधिकारी दिनेश कुमार दीक्षित ने बताया कि ‘लाड़ो अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, ताकि लोग स्वयं इस सामाजिक कुप्रथा को रोकने के लिए आगे आएं।बाल विवाह पर प्रशासन का ‘महा-अलर्ट’
प्रमाण पत्र के बिना सेवाएं न देने की अपील
प्रशासन ने विवाह आयोजकों, सामाजिक संगठनों और विवाह से संबंधित सेवाएं देने वाले सभी व्यक्तियों को निर्देश दिए हैं कि वे जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल की अंकसूची या आंगनवाड़ी रिकॉर्ड के आधार पर ही उम्र का सत्यापन करें। किसी भी संदेह की स्थिति में, मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी प्रमाण पत्र को मान्य माना जाएगा। प्रिंटिंग प्रेस मालिकों से विशेष अपील की गई है कि वे वैवाहिक आमंत्रण पत्रों में स्पष्ट रूप से उल्लेख करें कि वर और वधू बालिग हैं।बाल विवाह पर प्रशासन का ‘महा-अलर्ट’
कलेक्टर की कड़ी चेतावनी: “एक भी बाल विवाह बर्दाश्त नहीं”
कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा, “यदि कोई व्यक्ति बाल विवाह करवाता है या इसमें सहयोग करता है, तो उसके खिलाफ संज्ञेय अपराध के रूप में सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि बच्चों की शादी कम उम्र में करना उनके अधिकारों का हनन है, जिससे उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की, “यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम जिले में एक भी बाल विवाह न होने दें।”बाल विवाह पर प्रशासन का ‘महा-अलर्ट’
देवउठनी पर प्रशासन रहेगा सतर्क
प्रशासन ने देवउठनी एकादशी (1 से 2 नवम्बर 2025) के दौरान सभी तहसीलों, थानों और महिला बाल विकास परियोजना कार्यालयों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पुलिस और बाल संरक्षण समितियों की टीमें गांव-गांव जाकर विवाह कार्यक्रमों पर पैनी नजर रखेंगी, ताकि किसी भी संदिग्ध बाल विवाह को समय रहते रोका जा सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।बाल विवाह पर प्रशासन का ‘महा-अलर्ट’
विकासखंडवार अधिकारी और संपर्क नंबर:
राजनगर – रजनी शुक्ला (9343219162)
बिजावर – राजकुमार बागरी (9644332997)
बकस्वाहा – हेमलता सिंह (8462925204)
नौगांव – अनिल नामदेव (9644989418), नेहा जैन (9752282671)
बड़ामलहरा – अरुण प्रताप सिंह निरंजन (9977280557)
लवकुशनगर, गौरिहार, छतरपुर शहर – विक्रम सिंह (9165848289)
छतरपुर ग्रामीण – कृपाल अठ्या (6266078271)



















