कांग्रेस विधायक को झटका: धोखाधड़ी मामले में हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, जांच में सहयोग के निर्देश
जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू पर 42 लाख की धोखाधड़ी का आरोप, हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने की याचिका खारिज की।

बिलासपुर : कांग्रेस विधायक को झटका: धोखाधड़ी मामले में हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, जांच में सहयोग के निर्देश. छत्तीसगढ़ के जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। लाखों की धोखाधड़ी के आरोप में फंसे विधायक की एफआईआर (FIR) निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए, चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने विधायक साहू को जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है, वहीं शासन को मामले में जल्द चालान पेश करने को कहा है।
विधायक बालेश्वर साहू पर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पर लोन दिलाने के नाम पर 42 लाख रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप है। यह मामला तब सामने आया जब उन पर एक किसान से कथित तौर पर फर्जीवाड़ा कर लाखों रुपये निकालने का आरोप लगा। जांजगीर-चांपा के एडिशनल एसपी उमेश कश्यप ने बताया कि कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू पहले जिला सहकारी बैंक, बम्हनीनडीह में प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे।कांग्रेस विधायक को झटका: धोखाधड़ी मामले में हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, फरसवानी निवासी राजकुमार शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2015 से 2020 के बीच बम्हनीडीह सेवा सहकारी समिति के तत्कालीन प्रबंधक बालेश्वर साहू ने उन्हें अपनी 50 एकड़ जमीन पर किसान क्रेडिट कार्ड लोन लेने की सलाह दी थी। इसके बाद, राजकुमार ने एचडीएफसी बैंक, चांपा में एक खाता खुलवाया। इसी दौरान, तत्कालीन शाखा प्रबंधक और आरोपी बालेश्वर साहू और उनके साथी गौतम राठौर ने राजकुमार शर्मा से ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर करवा लिए। आरोप है कि इसके बाद उनके बैंक खाते से 24 लाख रुपये की राशि साहू और उनके परिजनों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई।कांग्रेस विधायक को झटका: धोखाधड़ी मामले में हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
इतना ही नहीं, आरोपियों ने कथित तौर पर राजकुमार शर्मा, उनकी मां जयतिन शर्मा और पत्नी नीता शर्मा के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा निशान लगाकर कुल 42 लाख 78 हजार रुपये की निकासी कर ली। पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने पर प्रारंभिक जांच की गई, जिसमें तथ्य सही पाए गए। इसके बाद, समिति प्रबंधक रह चुके बालेश्वर साहू और उनके साथी विक्रेता गौतम राठौर के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया था।कांग्रेस विधायक को झटका: धोखाधड़ी मामले में हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
इस मामले में हाईकोर्ट का यह निर्देश विधायक साहू के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है, क्योंकि अब उन्हें पुलिस जांच में अनिवार्य रूप से सहयोग करना होगा और आने वाले समय में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।कांग्रेस विधायक को झटका: धोखाधड़ी मामले में हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत














