
एर्नाकुलम, केरल: बैंकों पर उठे सवाल! मैनेजरों ने ग्राहक के नाम पर किया 30 करोड़ का महा-लोन फ्रॉड. अब बैंकों पर भरोसा कैसे करें? यह सवाल केरल के एल्डहो पॉल जैसे ग्राहकों के मन में उठ रहा है, जिनके साथ बैंक ऑफ महाराष्ट्र के मैनेजरों ने मिलकर 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। चेक और कई जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंक अधिकारियों ने एक छोटे ठेकेदार की संपत्ति पर बड़ा लोन ले लिया, जिसकी भनक खुद पीड़ित को तब लगी जब उनकी संपत्ति जब्त होने की कगार पर पहुंच गई। एल्डहो पॉल ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है।
कैसे हुआ यह बड़ा धोखा?
एर्नाकुलम जिले के कोलेनचेरी निवासी 49 वर्षीय एल्डहो पॉल को सपने में भी अंदाजा नहीं था कि कोच्चि स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र के अधिकारी उनके साथ इतनी बड़ी धोखाधड़ी करेंगे। एल्डहो को इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब उनकी संपत्ति एर्नाकुलम के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में ज़ब्ती की कार्यवाही के तहत आई। यहीं उन्हें यह भी पता चला कि उनके जाली हस्ताक्षर वाला एक नकली गारंटी समझौता बैंक में जमा किया गया है।बैंकों पर उठे सवाल!
एल्डहो के लिए यह सब बेहद परेशान करने वाला था क्योंकि उन्हें इसके बारे में कुछ भी पता नहीं था। एल्डहो ने बताया, “अदालती कार्यवाही शुरू होने तक न तो मेरा बैंक में कोई खाता था और न ही मुझे पता था कि मेरी प्रॉपर्टी लोन के लिए गिरवी रखी गई है।”बैंकों पर उठे सवाल!
लोन फ्रॉड की पूरी कहानी
यह सब 2023 में तब शुरू हुआ जब एल्डहो पैसों की किल्लत से जूझ रहे थे। उसी दौरान, कुछ एजेंटों ने एल्डहो से संपर्क किया, जो कथित तौर पर बैंक के संदिग्ध मैनेजरों से जुड़े हुए थे। उन्होंने एल्डहो को 1 करोड़ रुपये का लोन दिलाने में मदद करने का वादा किया। बैंक के सर्किल मैनेजर शिबू जैकब (पजमथोट्टम निवासी) और बैंक की कई शाखाओं के मैनेजर अरुण ने एल्डहो के खुद के CIBIL स्कोर की दिक्कतों का हवाला देते हुए उन्हें लोन दिलाने का भरोसा दिया और उनकी प्रॉपर्टी के कागजात मांगे।बैंकों पर उठे सवाल!
उस वक्त पैसों की सख्त जरूरत होने के कारण एल्डहो ने इन मैनेजरों पर भरोसा कर लिया। उन्होंने स्टाम्प पेपर और ब्लैंक चेक मैनेजरों को सौंप दिए, जिसके बाद उन्हें 30 लाख रुपये का लोन जारी कर दिया गया। तब तक एल्डहो को यह अंदाजा भी नहीं था कि उनके साथ क्या होने जा रहा है।बैंकों पर उठे सवाल!
अंग्रेजी अखबार The New Indian Express से बात करते हुए एल्डहो ने बताया, “मैंने कई ट्रांजैक्शन के जरिए पूरा लोन चुका दिया; मेरे पास सारे रिकॉर्ड हैं। बाद में मुझे पता चला कि उन्होंने मेरे प्रॉपर्टी पेपर्स का इस्तेमाल करके बैंक की कक्कनड शाखा से 30 करोड़ रुपये का लोन लिया है। संदिग्धों ने मेरी जानकारी के बिना ही संपत्ति का लोकेशन स्केच, टैक्स रसीदें और पजेशन सर्टिफिकेट भी हासिल कर लिया।”बैंकों पर उठे सवाल!
पुलिस और बैंक की जांच
पुथेनक्रूज़ पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर ने बताया कि अदालत की मंजूरी के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच चल रही है। शुरुआती जांच से पता चलता है कि बैंक ने भी इस मामले में एक आंतरिक जांच शुरू कर दी है।बैंकों पर उठे सवाल!
इधर, एल्डहो ने सीबीआई जांच और हस्ताक्षरों की फोरेंसिक जांच की मांग करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक पत्र सौंपा है। एर्नाकुलम ग्रामीण पुलिस ने जानकारी दी कि धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस घटना ने एक बार फिर बैंकों में ग्राहक सुरक्षा और आंतरिक नियंत्रण प्रणालियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।बैंकों पर उठे सवाल!



















