
दुर्ग/धमधा: गुलामी ने गुरुकुल परंपरा को मिटाया, अब फिर लौट रहा भारत का पुराना गौरव: सांसद विजय बघेल. दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक स्थित ग्राम खपरी के सांस्कृतिक कॉलेज में “भारतीय ज्ञान परंपरा एवं आधुनिक शिक्षा के दार्शनिक परिप्रेक्ष्य” विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वार्ता का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग सांसद श्री विजय बघेल शामिल हुए, जिन्होंने भारतीय शिक्षा पद्धति के पुनरुद्धार पर अपने विचार रखे।
अंग्रेजी शिक्षा ने संस्कृति को पहुंचाई क्षति
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद विजय बघेल ने कहा कि भारत संतों, ऋषियों और सनातन परंपराओं वाला देश है, जहाँ राम, कृष्ण और शिव की आध्यात्मिक धरोहर कण-कण में बसी है। उन्होंने ब्रिटिश कालीन शिक्षा व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा, “गुलामी के दौर में एक साजिश के तहत हमारी समृद्ध गुरुकुल परंपरा को नष्ट कर दिया गया। हमें अंग्रेजी शिक्षा पद्धति अपनाने को मजबूर किया गया, जिससे हमारी संस्कृति और संस्कारों को भारी क्षति पहुँची।” गुलामी ने गुरुकुल परंपरा को मिटाया
सांसद ने आगे कहा कि अब समय बदल रहा है। केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार हुए हैं। नया पाठ्यक्रम और शिक्षा नीति भारतीयता के मूल्यों को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे भारत पुनः विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। गुलामी ने गुरुकुल परंपरा को मिटाया
प्राचीन ज्ञान और आधुनिकता में तालमेल जरूरी
जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय (दिल्ली) की डॉ. ज्योति शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा के बीच सेतु निर्माण ही नए भारत के निर्माण का मूल आधार है। कार्यक्रम में देव संस्कृति प्रतिनिधि श्री प्रशांत श्रीवास्तव, दुर्ग विश्वविद्यालय के डॉ. हेमचंद यादव, जूलॉजी विभाग की सुश्री सारिका शर्मा, निदेशक सुश्री ज्योति दुबे और हेड सुश्री ममता दुबे सहित कई विद्वान उपस्थित रहे। गुलामी ने गुरुकुल परंपरा को मिटाया
छत्तीसगढ़ी स्वाद और जैविक खेती का प्रदर्शन
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन और छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना के साथ हुई। इस दौरान पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का आकर्षक प्रदर्शन किया गया। सांसद विजय बघेल ने स्वयं इन व्यंजनों का स्वाद चखा और आयोजकों की सराहना की। गुलामी ने गुरुकुल परंपरा को मिटाया
इसके अलावा, कार्यक्रम में प्राकृतिक उर्वरकों (Organic Fertilizers) की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। इसमें चाय की पत्तियों से तैयार खाद और पौधों में होने वाले फंगस रोगों के प्राकृतिक नियंत्रण के उपाय बताए गए। विशेषज्ञों ने बताया कि यह कम लागत वाले जैविक उपाय रासायनिक दवाओं की तुलना में अधिक सुरक्षित और सस्ते हैं। गुलामी ने गुरुकुल परंपरा को मिटाया
कार्यक्रम के अंत में निदेशक डॉ. ज्योति शर्मा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। गुलामी ने गुरुकुल परंपरा को मिटाया



















