
G News: धमतरी जिला कलेक्ट्रेट में उस वक्त हड़कंप मच गया जब समय पर दफ्तर न पहुंचने वाले कर्मचारियों पर प्रशासन की गाज गिर गई। कलेक्टर के कड़े रुख के बाद हुई औचक जांच में 65 अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी से नदारद या लेट पाए गए। इस लापरवाही पर सख्त एक्शन लेते हुए सभी को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है।
गार्ड की डायरी ने खोली अफसरों की पोल
प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से लंबे समय बाद कलेक्ट्रेट में कर्मचारियों के आने-जाने के समय की निगरानी की गई। कलेक्टर के विशेष निर्देश पर एक गार्ड को गेट पर तैनात किया गया था, जो हर कर्मचारी के आने का समय नोट कर रहा था। इस जांच में खुलासा हुआ कि 65 कर्मचारी अपने निर्धारित समय से काफी देरी से दफ्तर पहुंचे। इन सभी से जवाब तलब किया गया है और संतोषजनक जवाब न मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।लेटलतीफी पर नपे 65 अधिकारी-कर्मचारी, ऑफिस में मची खलबली, वेतन कटने का भी खतरा
1 दिसंबर से बायोमेट्रिक अनिवार्य: लेट आए तो कटेगी सैलरी
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने टीएल (Time Limit) बैठक में स्पष्ट कर दिया है कि लेटलतीफी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आदेश दिया है कि:
बायोमेट्रिक हाजिरी: 1 दिसंबर से सभी के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।
वेतन कटौती: भविष्य में अगर कोई कर्मचारी लगातार देर से आता है, तो उसके वेतन में कटौती की जाएगी।
कलेक्टर ने कंपोजिट बिल्डिंग और जिला पंचायत समेत सभी विभागों में बायोमेट्रिक सिस्टम को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
ई-ऑफिस और पत्राचार पर कड़े निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने ई-ऑफिस प्रणाली (E-Office System) की भी समीक्षा की। उन्होंने पुरानी फाइलों के ढर्रे को खत्म करते हुए कहा कि पारदर्शिता और कार्यकुशलता के लिए तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है।लेटलतीफी पर नपे 65 अधिकारी-कर्मचारी, ऑफिस में मची खलबली, वेतन कटने का भी खतरा
सभी पत्राचार और रूटीन फाइलें केवल ई-ऑफिस के जरिए ही आगे बढ़ाई जाएंगी।
जो विभाग इसका पालन नहीं कर रहे हैं, उन पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई।
‘ऑफिस-डे’ और शनिवार की छुट्टी पर भी नजर
राज्य सरकार और जिला प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अधिकारी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। धमतरी में कलेक्टर ने सोमवार और गुरुवार को ‘ऑफिस-डे’ घोषित किया है, ताकि अधिकारी अपने चैंबर में बैठकर आम जनता की समस्याएं सुन सकें। लेकिन, कई जिला स्तरीय अधिकारी इन दिनों में भी अपनी सीट से गायब रहते हैं।लेटलतीफी पर नपे 65 अधिकारी-कर्मचारी, ऑफिस में मची खलबली, वेतन कटने का भी खतरा
शनिवार का खेल: कई अधिकारी शनिवार को फील्ड विजिट का बहाना बनाकर लंबी छुट्टी पर चले जाते हैं।
जिला पंचायत, आरईएस और कलेक्ट्रेट में फरियादी भटकते रहते हैं। कलेक्टर ने ऐसे अधिकारियों पर भी सख्त नजर रखने के संकेत दिए हैं।
इसके अलावा, कलेक्टर ने जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और चेकपोस्ट पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।लेटलतीफी पर नपे 65 अधिकारी-कर्मचारी, ऑफिस में मची खलबली, वेतन कटने का भी खतरा



















