
Kota Crime News: 7वीं की छात्रा से दरिंदगी करने वाले को ‘आखिरी सांस’ तक जेल, कोर्ट ने सुनाई ऐतिहासिक सजा. राजस्थान के कोटा से न्याय की एक बड़ी खबर सामने आई है। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक मासूम छात्रा के साथ हुए घिनौने अपराध के मामले में पॉक्सो कोर्ट (POCSO Court) ने बेहद सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी को समाज के लिए एक कड़ा संदेश देते हुए ‘अंतिम सांस’ तक जेल की कालकोठरी में रहने का आदेश दिया है।
फोन पर दोस्ती और फिर ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल
Kota Crime News: यह पूरा मामला करीब डेढ़ साल पुराना है। रिपोर्ट के अनुसार, 14 वर्षीय पीड़िता कोटा के एक स्कूल में सातवीं कक्षा की छात्रा थी। आरोपी ने पहले उसे अपनी बातों में फंसाया और फिर फरवरी के महीने में बहला-फुसलाकर एक कमरे में ले गया। वहां उसने छात्रा के साथ जबरन दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, आरोपी ने मासूम को धमकी दी कि अगर उसने इस बारे में किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा।
हर 15 दिन में करता था हैवानियत, दोस्त के पास भी ले गया
Kota Crime News: डर के साये में जी रही छात्रा को आरोपी ने अपनी हवस का शिकार बनाना जारी रखा। वह हर 15 दिन में लड़की को धमकी देकर बुलाता था। हैवानियत की हद तो तब पार हो गई जब आरोपी पीड़िता को अपने एक दोस्त के पास भी ले गया। लगातार बढ़ते मानसिक दबाव और गुमसुम रहने के कारण जब मां ने बेटी से सख्ती से पूछताछ की, तब इस पूरी वारदात का खुलासा हुआ।
पुलिस की कड़ी कार्रवाई और पुख्ता सबूत
Kota Crime News: मार्च 2024 में मामला दर्ज होने के बाद कोटा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अदालत में ठोस चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले को साबित करने के लिए:
16 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए।
45 महत्वपूर्ण दस्तावेज साक्ष्य के रूप में पेश किए गए।
कोर्ट का बड़ा फैसला: आखिरी सांस तक जेल और भारी जुर्माना
Kota Crime News: मामले की गंभीरता को देखते हुए पॉक्सो न्यायालय के पीठासीन अधिकारी ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे अपराधियों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। दोषी को उम्रकैद (अंतिम सांस तक) की सजा सुनाई गई है और साथ ही 2 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
Kota Crime News: इस फैसले के बाद पीड़िता के परिवार ने राहत की सांस ली है। कानून के जानकारों का मानना है कि ऐसे फैसलों से अपराधियों में खौफ पैदा होगा और महिला सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ेगा।



















