
Patwari Suspended News: रिश्वतखोर पटवारी का ‘डबल गेम’ फेल: जिस वीडियो को बताया था ‘फेक’, उसी ने पहुँचाया सस्पेंशन तक; जानें पूरा मामला. छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक पटवारी ने खुद को बचाने के लिए जो जाल बुना था, वह उसी में खुद ही फंस गए। भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे पटवारी ने जिस वीडियो को ‘एडिटेड’ और ‘फेक’ बताकर दो युवकों को जेल भिजवाया था, जाँच में वही वीडियो असली निकला। अब प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पटवारी को सस्पेंड कर दिया है।
क्या है पूरा मामला? (The Shocking Twist)
Patwari Suspended News: मामला कोरिया जिले के पटना तहसील का है, जहाँ हल्का नंबर 6 (अमहर) में पदस्थ पटवारी अमरेश कुमार पांडेय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में पटवारी काम के बदले खुलेआम पैसों की मांग करते नजर आ रहे थे।

Patwari Suspended News: बचने के लिए पटवारी ने एक शातिर चाल चली। उन्होंने बैकुंठपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि कुछ युवक उन्हें एक ‘एडिटेड’ वीडियो दिखाकर 2.50 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे हैं। पटवारी की शिकायत पर पुलिस ने जाल बिछाया और पैसे लेने आए एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

‘फेक’ वीडियो निकला असली: खुली भ्रष्टाचार की पोल

Patwari Suspended News: पटवारी की कहानी तब धराशायी हो गई जब प्रशासन ने वायरल वीडियो की गहराई से जाँच की। वीडियो में पटवारी का भ्रष्टाचार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।
वीडियो की हकीकत:
जब ग्रामीण काम कराने के लिए पटवारी के पास पहुँचे और उन्हें 400 रुपये दिए, तो पटवारी भड़क गए।
वीडियो में पटवारी को यह कहते सुना गया, “इतने कम पैसे तो मैं लेता ही नहीं हूँ, कम से कम 2-3 हजार रुपये दो।”
इसी वीडियो को आधार बनाकर पटवारी ने युवकों को फंसाने की कोशिश की थी, लेकिन सच सामने आते ही पासा पलट गया।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई: पटवारी सस्पेंड
Patwari Suspended News: वीडियो की पुष्टि होने के बाद, जिला प्रशासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण नियम) 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना। कलेक्टर के निर्देश पर पटवारी अमरेश कुमार पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैकुंठपुर तय किया गया है।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदेश
Patwari Suspended News: इस कार्रवाई के जरिए जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पटवारी द्वारा पुलिस को गुमराह करने और निर्दोषों को फंसाने की कोशिश ने मामले को और गंभीर बना दिया है। फिलहाल विभाग इस मामले की विस्तृत जाँच कर रहा है।



















