
Rice Mill Sealed in Lakhanpur: छत्तीसगढ़ में धान की मिलिंग और उठाव प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के लखनपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जगदंबा राइस मिल को सील कर दिया गया है। तहसीलदार के नेतृत्व में की गई इस छापेमारी में भारी मात्रा में धान के स्टॉक में अंतर पाया गया है।
दस्तावेजों और हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर

Rice Mill Sealed in Lakhanpur: लखनपुर तहसीलदार अंकिता पटेल, नायब तहसीलदार और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने जब जगदंबा राइस मिल का औचक निरीक्षण किया, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए।
दस्तावेजी रिकॉर्ड: राइस मिल के रिकॉर्ड के अनुसार, वहां 13,480 क्विंटल धान का उठाव दर्शाया गया था।
भौतिक सत्यापन (Physical Verification): जब टीम ने मौके पर मौजूद धान की गिनती की, तो वहां केवल 10,880 क्विंटल धान ही मिला।
Rice Mill Sealed in Lakhanpur: जांच में साफ हुआ कि मिल से 2,600 क्विंटल धान गायब था। यह कमी सीधे तौर पर सरकारी नियमों और अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन है।
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: मिल को किया गया सील

Rice Mill Sealed in Lakhanpur: स्टॉक में इतनी बड़ी विसंगति मिलने के तुरंत बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। तहसीलदार अंकिता पटेल के निर्देश पर जगदंबा राइस मिल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। खाद्य विभाग और राजस्व विभाग की टीम अब मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मिल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अनियमितता पर जिला प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
Rice Mill Sealed in Lakhanpur: इस कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने सभी राइस मिलर्स को कड़ा संदेश दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:
धान उपार्जन और मिलिंग की व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
किसानों के हक और सरकारी संपत्ति के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।
आने वाले दिनों में अन्य राइस मिलों की भी इसी तरह आकस्मिक जांच की जाएगी।
क्यों जरूरी है ऐसी कार्रवाई?
Rice Mill Sealed in Lakhanpur: धान की मिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए समय-समय पर भौतिक सत्यापन अनिवार्य है। कई बार मिलर्स कागजों में उठाव ज्यादा दिखाते हैं लेकिन मौके पर स्टॉक कम होता है, जिसे कालाबाजारी या अन्य अनियमितताओं से जोड़कर देखा जाता है। प्रशासन की इस सक्रियता से सरकारी खजाने को होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा।



















