Jamshedpur Police Encounter: Kairav Gandhi Kidnapping Case के 3 आरोपी घायल, पुलिस की कार्बाइन छीनकर की फायरिंग

Jamshedpur Police Encounter: झारखंड के जमशेदपुर में देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ (Encounter) हुई। प्रसिद्ध उद्योगपति के बेटे कैरव गांधी अपहरण कांड (Kairav Gandhi Kidnapping Case) में शामिल बिहार के तीन कुख्यात अपराधियों को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद दबोच लिया है। यह एनकाउंटर बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सोनारी साईं मंदिर के पास हुआ।
Weapon Recovery के दौरान अपराधियों ने की हिमाकत
Jamshedpur Police Encounter: पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार अपराधियों को लेकर पुलिस की टीम हथियार बरामद (Weapon Recovery) करने निकली थी। इसी दौरान अपराधियों ने पुलिस कॉन्स्टेबल से Carbine छीनने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे बाल-बाल बचे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें तीनों अपराधी घायल हो गए।
कौन हैं ये अपराधी? (Identity of Criminals)
Jamshedpur Police Encounter: जमशेदपुर सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि एनकाउंटर में जख्मी तीनों अपराधी बिहार के रहने वाले हैं। इनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
गुड्डू सिंह (गया, बिहार)
मोहम्मद इमरान (नालंदा, बिहार)
रमीज राजा (बिहार)
Jamshedpur Police Encounter: फिलहाल तीनों का इलाज जमशेदपुर के MGM Hospital में चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही SSP और सिटी एसपी समेत कई सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंचे।
क्या है कैरव गांधी किडनैपिंग केस? (The Backstory)
Jamshedpur Police Encounter: यह पूरा मामला 13 जनवरी का है, जब बिष्टुपुर के सीएच एरिया (CH Area) से उद्योगपति देवांग गांधी के 24 वर्षीय पुत्र कैरव गांधी का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया था।
Kidnapping की पूरी कहानी:
Missing Report: 13 जनवरी को कैरव अपनी कार से आदित्यपुर स्थित फैक्ट्री के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे।
Car Recovered: पुलिस को झाड़ियों से उनकी लावारिस कार मिली, जिससे किडनैपिंग का शक गहराया।
5 Crore Ransom: किडनैपर्स ने इंडोनेशियाई कोड वाले नंबर (+62 83194765544) से मैसेज भेजकर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। धमकी दी गई थी कि पैसे न मिलने पर कैरव की हत्या कर दी जाएगी।
14 दिनों बाद मिली थी सफलता
Jamshedpur Police Encounter: कैरव की सुरक्षित वापसी के लिए कोल्हान डीआईजी के निर्देश पर एक SIT (Special Investigation Team) बनाई गई थी, जिसमें 4 DSP और 3 थाना प्रभारी शामिल थे। लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने 14 दिनों बाद कैरव गांधी को हजारीबाग के बरही इलाके से सकुशल बरामद किया था। हालांकि, उस समय मुख्य आरोपी फरार थे, जिन्हें अब इस एनकाउंटर में पकड़ा गया है।



















