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AI से डेटा चोरी का खतरा! यूरोपीय संसद ने सांसदों और कर्मचारियों के लिए जारी किए सख्त निर्देश, निजी मोबाइल भी रडार पर

Cybersecurity and AI Privacy News: AI से डेटा चोरी का खतरा! यूरोपीय संसद ने सांसदों और कर्मचारियों के लिए जारी किए सख्त निर्देश, निजी मोबाइल भी रडार पर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती लोकप्रियता के बीच अब इसके सुरक्षा पहलुओं पर सवाल उठने लगे हैं। डेटा सुरक्षा और साइबर खतरों को देखते हुए यूरोपीय संसद (European Parliament) ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। संसद ने अपने सभी सांसदों और कर्मचारियों के आधिकारिक उपकरणों (Official Devices) पर कई महत्वपूर्ण AI फीचर्स के इस्तेमाल को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है।

आखिर क्यों लगा AI फीचर्स पर प्रतिबंध?

AI से डेटा चोरी का खतरा! यूरोपीय संसद की तकनीकी सहायता टीम ‘e-MEP टेक सपोर्ट’ ने एक आंतरिक ईमेल के जरिए इस खतरे की ओर इशारा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, कई एआई टूल्स ऐसे डेटा को क्लाउड सर्वर पर भेज रहे थे, जिसे डिवाइस खुद ही प्रोसेस कर सकता था। इससे संवेदनशील जानकारी के सार्वजनिक होने या हैक होने का जोखिम बढ़ गया है। जब तक इन टूल्स द्वारा साझा किए जाने वाले डेटा की सीमा पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक इन्हें बंद रखना ही सुरक्षित समझा गया है।

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इन खास सुविधाओं पर लागू हुई रोक

AI से डेटा चोरी का खतरा! यूरोपीय संघ के अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल उन फीचर्स को निशाना बनाया गया है जो डेटा को स्कैन या प्रोसेस करते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • राइटिंग असिस्टेंट्स (Writing Assistants): लिखने में मदद करने वाले टूल्स।

  • समराइजिंग टूल्स (Summarizing Tools): लंबे दस्तावेजों का सारांश बनाने वाले फीचर्स।

  • एनहांस्ड वर्चुअल असिस्टेंट्स: उन्नत आभासी सहायक।

  • वेबपेज समरी: फोन और टैबलेट पर वेबपेज को संक्षिप्त करने वाली सुविधाएं।

हालांकि, ईमेल, कैलेंडर और सामान्य ऐप्स जैसी बुनियादी सुविधाएं पहले की तरह काम करती रहेंगी।

निजी मोबाइल और टैबलेट के लिए भी चेतावनी

AI से डेटा चोरी का खतरा! यूरोपीय संसद ने केवल आधिकारिक उपकरणों पर ही नहीं, बल्कि सांसदों के निजी फोन और टैबलेट के इस्तेमाल को लेकर भी सावधानी बरतने को कहा है। कर्मचारियों को सख्त सलाह दी गई है कि:

  1. काम से जुड़े किसी भी गोपनीय दस्तावेज या ईमेल को एआई टूल्स में न डालें।

  2. उन एआई ऐप्स से बचें जो कंटेंट को स्कैन करते हैं।

  3. ‘थर्ड-पार्टी’ एआई ऐप्स को अपने डिवाइस का एक्सेस देते समय बेहद सतर्क रहें।

सुरक्षा के प्रति यूरोपीय संसद का पुराना रुख

AI से डेटा चोरी का खतरा! यह पहली बार नहीं है जब यूरोपीय संसद ने सुरक्षा के मद्देनजर ऐसे कदम उठाए हैं।

  • 2023: कर्मचारियों के डिवाइस पर टिक-टॉक (TikTok) के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया था।

  • 2025 का लक्ष्य: कुछ सांसदों ने माइक्रोसॉफ्ट जैसे अमेरिकी सॉफ्टवेयर के बजाय पूरी तरह से ‘यूरोपीय विकल्पों’ को अपनाने का प्रस्ताव भी रखा है ताकि डेटा संप्रभुता सुनिश्चित की जा सके।

निष्कर्ष: तकनीक और सुरक्षा का संतुलन

AI से डेटा चोरी का खतरा! यूरोपीय संसद का यह कदम यह दर्शाता है कि भविष्य में एआई का उपयोग केवल उसकी कार्यक्षमता के आधार पर नहीं, बल्कि उसकी सुरक्षा और डेटा पारदर्शिता के आधार पर तय होगा। यह फैसला दुनिया भर के अन्य संस्थानों के लिए भी एक नजीर बन सकता है।

Pooja Chandrakar

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