Jail Jammer Upgrade: अब जेलों में नहीं चलेगा 5G मोबाइल भी! Tihar और Yerwada की तर्ज पर बदलेगी तकनीक

प्रदेश की जेलों में अब 2G जैमर की जगह लगेंगे लेटेस्ट 5G जैमर्स। TCBPS तकनीक से रुकेगा कैदियों का मोबाइल इस्तेमाल। जानिए क्या है जेल विभाग का नया प्लान।Jail Jammer Upgrade
Jail Jammer Upgrade News: जेल के भीतर से मोबाइल चलाना अब कैदियों के लिए गुजरे जमाने की बात हो जाएगी। प्रदेश सरकार जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को High-Tech बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। सालों पुराने 2G jammers को अब Latest 4G and 5G technology से रिप्लेस किया जाएगा।
Jail Jammer Upgrade: यह पूरा अपग्रेड दिल्ली की Tihar Jail और पुणे की Yerwada Jail के सक्सेसफुल मॉडल पर बेस्ड होगा। आइए जानते हैं कि इस नई तकनीक से जेलों में क्या बदलाव आएंगे।
पुराने 2G Jammers क्यों हो रहे हैं Fail?
Jail Jammer Upgrade: प्रदेश की जेलों में फिलहाल जो जैमर लगे हैं, वे 2005-2006 के दौर के हैं। उस समय Smartphones और High-speed data का चलन नहीं था।
The Problem: आज के दौर में 4G और 5G नेटवर्क आने के बाद ये पुराने जैमर बेअसर साबित हो रहे हैं।
Misuse: कैदी चोरी-छिपे मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
Technical Glitch: पहले रायपुर जेल जैसे इलाकों में जैमर इतने पावरफुल थे कि आसपास के अस्पतालों और रिहायशी इलाकों का नेटवर्क भी जाम हो जाता था, जिसे बाद में कम करना पड़ा।
TCBPS Technology: क्या है जेल विभाग का नया प्लान?
Jail Jammer Upgrade: जेल मुख्यालय (Jail Headquarters) के अधिकारी अब Tower-Based Call Blocking System (TCBPS) तकनीक पर काम कर रहे हैं। इसकी कुछ खास बातें:
Selective Jamming: यह तकनीक केवल जेल की बाउंड्री के भीतर ही मोबाइल सिग्नल (Voice calls & Data) को ब्लॉक करेगी।
No Trouble for Neighbors: जेल के आसपास रहने वाले लोगों को नेटवर्क की समस्या नहीं होगी।
Expert Help: इस प्रोजेक्ट के लिए मोबाइल कंपनियों के एक्सपर्ट्स की सलाह ली जा रही है ताकि 5G फ्रीक्वेंसी को पूरी तरह रोका जा सके।
DG Jail ने क्या कहा?
Jail Jammer Upgrade: जेलों में मोबाइल नेटवर्क को पूरी तरह ठप करने के लिए टेक्निकल जानकारी जुटाई जा रही है। DG Jail हिमांशु गुप्ता के अनुसार, “विभागीय स्तर पर इसकी कवायद शुरू हो चुकी है और जैमर्स को अपग्रेड करने के लिए हर संभव तकनीकी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।”



















