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Chhattisgarh Pathology Services Controversy: HLL को बिना टेंडर काम देने पर मचा बवाल, क्या खतरे में है Technicians का भविष्य?

Chhattisgarh Healthcare News: Chhattisgarh Pathology Services Controversy: छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों (Government Hospitals) की पैथोलॉजी सेवाओं को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार द्वारा पैथोलॉजी का जिम्मा Hindustan Lifecare Limited (HLL) को सौंपने के फैसले पर कांग्रेस ने कड़े सवाल उठाए हैं। कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता (Dr. Rakesh Gupta) ने इस पूरी प्रक्रिया को नियमों के खिलाफ बताया है।

क्या है पूरा मामला? (The HLL Pathology Controversy)

Chhattisgarh Pathology Services Controversy: खबरों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ सरकार ने फरवरी 2026 में एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत सरकारी अस्पतालों की पैथोलॉजी जांच की जिम्मेदारी HLL को दे दी गई है। बताया जा रहा है कि कंपनी 14 अप्रैल से जगदलपुर (Jagdalpur) से अपना ऑपरेशन शुरू करने वाली है।

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लेकिन, इस फैसले ने राज्य की सियासत में ‘Transparency’ और ‘Rules’ को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

डॉ. राकेश गुप्ता के गंभीर आरोप: ‘बिना टेंडर कैसे मिला काम?’

Chhattisgarh Pathology Services Controversy: डॉ. राकेश गुप्ता ने इस डील पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से Transparency (पारदर्शिता) की कमी को दर्शाता है। उनके मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:

  1. No Open Tender: इस प्रोजेक्ट के लिए कोई ओपन टेंडर नहीं निकाला गया।

  2. Violation of GFR 2017: डॉ. गुप्ता के अनुसार, General Financial Rules 2017 (GFR) और Central Vigilance Commission (CVC) के गाइडलाइंस का उल्लंघन हुआ है।

  3. Lack of Competition: नियमों के मुताबिक, किसी भी PSU को सीधे काम देने से पहले ‘Competitive Bidding’ जरूरी है, जो यहां नहीं की गई।

क्या कहता है नियम? (When can Work be Awarded Without Tender?)

Chhattisgarh Pathology Services Controversy: डॉ. गुप्ता ने स्पष्ट किया कि बिना टेंडर के काम सिर्फ विशेष परिस्थितियों (Special Circumstances) में ही दिया जा सकता है, जैसे:

  • कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा (Natural Disaster) आने पर।

  • जब बाजार में केवल एक ही सोर्स (Single Source) उपलब्ध हो।

  • अगर बार-बार टेंडर फेल हो रहे हों।

कांग्रेस का दावा है कि छत्तीसगढ़ में ऐसी कोई इमरजेंसी स्थिति नहीं थी, फिर भी नियमों को दरकिनार किया गया।

Technicians और मशीनों के भविष्य पर ‘Question Mark’

Chhattisgarh Pathology Services Controversy: इस विवाद का सबसे संवेदनशील पहलू वहां काम कर रहे Lab Technicians से जुड़ा है। डॉ. राकेश गुप्ता ने सरकार से पूछा है:

  • Job Security: वर्तमान में कार्यरत पैथोलॉजी टेक्निशियनों का भविष्य क्या होगा? क्या उनकी नौकरी सुरक्षित रहेगी?

  • Govt Resources: सरकारी अस्पतालों में मौजूद करोड़ों की Pathology Machines का क्या होगा? क्या उन्हें कबाड़ घोषित कर दिया जाएगा या HLL उनका इस्तेमाल करेगी?

क्या होगी सरकार की अगली रणनीति?

Chhattisgarh Pathology Services Controversy: विपक्ष की मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच (Investigation) होनी चाहिए और टेंडर प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। अब देखना यह है कि राज्य सरकार इन आरोपों पर क्या सफाई देती है और क्या स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण की दिशा में यह कदम मरीजों के लिए फायदेमंद होगा या नहीं।

Dr. Tarachand Chandrakar

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