कंटेंट क्रिएटर निवेदिता मंडावी को सोशल मीडिया पर मिली गंभीर धमकियां, पुलिस ने 5 को दबोचा

कंटेंट क्रिएटर निवेदिता मंडावी को सोशल मीडिया पर मिली गंभीर धमकियां,छत्तीसगढ़ की जानी-मानी कंटेंट क्रिएटर निवेदिता मंडावी, जो सोशल मीडिया पर आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए पहचानी जाती हैं, हाल ही में एक गंभीर अपराध का निशाना बनीं। इंस्टाग्राम पर सक्रिय एक असामाजिक समूह द्वारा उन्हें गैंगरेप और अपहरण जैसी खौफनाक धमकियां दी गईं। इस मामले के उजागर होते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अब तक 5 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
‘नशा मुक्ति’ इंस्टाग्राम ग्रुप के जरिए रची गई घिनौनी साजिश
जांच में यह बात सामने आई है कि इंस्टाग्राम पर ‘नशा मुक्ति’ नाम से एक ग्रुप संचालित किया जा रहा था। इस ग्रुप में शामिल कुछ युवक निवेदिता मंडावी की तस्वीरें शेयर कर उनके खिलाफ न केवल अश्लील टिप्पणियां कर रहे थे, बल्कि उनके अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की योजना भी बना रहे थे। लगभग दो महीने पहले इन चैट्स के स्क्रीनशॉट लीक हुए, जिससे इस पूरी साजिश का खुलासा हुआ। गौरतलब है कि निवेदिता के पिता पुलिस विभाग में डीएसपी (DSP) पद पर कार्यरत हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ निवेदिता का वीडियो
जैसे ही इस आपत्तिजनक चैट की जानकारी निवेदिता मंडावी तक पहुंची, उन्होंने चुप बैठने के बजाय कानूनी रास्ता अपनाया। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर आपबीती सुनाई। यह वीडियो देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन पर आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई: रायपुर से केशकाल तक मचा हड़कंप
केशकाल थाना प्रभारी विकास बघेल ने जानकारी देते हुए बताया कि इंस्टाग्राम ग्रुप में अश्लील हरकतें करने और आपराधिक साजिश रचने के मामले में पांच युवकों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी केशकाल, भानुप्रतापपुर और कोंडागांव क्षेत्र के रहने वाले हैं।
पुलिस के अनुसार, शुरुआत में रायपुर में ‘जीरो एफआईआर’ (Zero FIR) दर्ज की गई थी, जिसे बाद में केशकाल थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। आरोपियों पर आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
जनता में आक्रोश: सोशल मीडिया पर मिला भारी समर्थन
कंटेंट क्रिएटर निवेदिता मंडावी को सोशल मीडिया पर मिली गंभीर धमकियां,इस घटना के बाद से ही सोशल मीडिया यूजर्स निवेदिता मंडावी के समर्थन में लामबंद हो गए हैं। बड़ी संख्या में लोग “Justice for Nivedita” जैसे हैशटैग के साथ आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। समाज के विभिन्न वर्गों ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी और महिला सुरक्षा पर हमला बताया है। लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त उदाहरण पेश किया जाना चाहिए।
यह घटना डिजिटल युग में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि सोशल मीडिया की आड़ में छिपे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। निवेदिता मंडावी की बहादुरी ने अन्य महिलाओं को भी ऐसे अपराधों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया है।



















