
रायपुर में अवैध रेत माफिया पर नकेल:छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बाहरी जिलों से हो रहे अवैध रेत परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जैसे पड़ोसी जिलों से रायपुर में लगातार बारीक रेत की तस्करी की जा रही थी, जिस पर अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग की टीम ने देर रात छापेमारी की।
दूसरे जिलों से रायपुर आ रही है महंगी ‘बारीक रेत’
वर्तमान में रायपुर जिले की स्थानीय खदानों से बारीक रेत की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसी का फायदा उठाकर रेत माफिया महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद से अवैध रूप से बारीक रेत लाकर रायपुर के बाजारों में खपा रहे हैं। बाजार में कमी के कारण आम जनता को यह बारीक रेत 22 से 25 रुपये प्रति फीट की ऊँची दर पर खरीदनी पड़ रही है। इस अवैध कारोबार को ज्यादातर रात के अंधेरे में अंजाम दिया जा रहा था।
कलेक्टर गौरव सिंह का कड़ा रुख: रात 10 बजे से शुरू हुई कार्रवाई
अवैध रेत परिवहन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने खनिज विभाग के अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। गुरुवार रात 10 बजे से खनिज विभाग की विशेष टीम ने खरोरा, आरंग, नवापारा गोबरा, माना और मंदिर हसौद जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में घेराबंदी की।
रायपुर में अवैध रेत माफिया पर नकेल:इस औचक निरीक्षण के दौरान टीम ने कुल 13 हाईवा वाहनों को पकड़ा। जांच करने पर 12 वाहनों में रेत और 1 वाहन में फर्शी पत्थर लोड पाया गया। किसी भी वाहन चालक के पास वैध रायल्टी पर्ची उपलब्ध नहीं थी, जिसके बाद सभी गाड़ियों को जब्त कर लिया गया।
लाखों का जुर्माना: माफियाओं पर आर्थिक चोट
खनिज विभाग ने जब्त किए गए सभी 13 वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया है। विभाग के अनुसार, प्रत्येक रेत से भरे वाहन पर लगभग 30 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया गया है। इस पूरी कार्रवाई से शासन को करीब 3 लाख 90 हजार रुपये का राजस्व जुर्माने के रूप में प्राप्त होगा। पकड़े गए वाहनों में से 7 वाहन महासमुंद, गरियाबंद और धमतरी जिलों के हैं।
इन वाहन स्वामियों पर गिरी गाज
रायपुर में अवैध रेत माफिया पर नकेल:प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, पकड़े गए वाहनों में मुख्य रूप से मनीष साहू (पारागांव), गोल्डी सिन्हा (फिंगेश्वर), नागेश्वर साहू, बसर खान (अहिवारा), बंटी साहू (टिकरापारा), पूर्णानंद साहू (नवापारा), भगवती ट्रेडर्स (धमतरी), रौनक जैन (लालपुर), कंवलजीत सिंह (कवर्धा), तेजराम वर्मा (सिमगा), पंकज यदु (तिल्दा) और हंसूराम साहू के वाहन शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एक सप्ताह में 28 वाहन जब्त, 8 लाख की वसूली
रायपुर जिले में अवैध परिवहन के खिलाफ यह अभियान पिछले एक सप्ताह से जारी है। सात दिन पहले भी विभाग ने 15 वाहनों को पकड़ा था, जिनमें रेत, चूना पत्थर, मुरुम और मिट्टी का अवैध परिवहन हो रहा था। कुल मिलाकर एक सप्ताह के भीतर 28 वाहनों पर कार्रवाई की गई है, जिनसे लगभग 8 लाख रुपये का समझौता शुल्क वसूला जाना है।
अधिकारियों का बयान
खनिज विभाग के जिला अधिकारी राजेश मालवे ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशों के तहत अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि खनिज विभाग की टीमें दिन और रात, दोनों समय सक्रिय हैं और आने वाले दिनों में यह कार्रवाई और भी तेज की जाएगी।
निरीक्षण टीम में शामिल सदस्य:
रायपुर में अवैध रेत माफिया पर नकेल:इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में प्रभारी खनिज निरीक्षक रघुनाथ भारद्वाज, खनिज सिपाही जितेंद्र केसरवानी, रिजवान, लिलेश्वर मानिकपुरी, रामकुमार वर्मा और पायलट छबिलाल साहू की प्रमुख भूमिका रही।
यह लेख रायपुर और छत्तीसगढ़ के स्थानीय समाचारों के लिए अनुकूलित है। इसे सोशल मीडिया पर साझा करते समय #RaipurNews #SandMafia #Chhattisgarh का उपयोग करें।



















