
सूरजपुर (निडर छत्तीसगढ़ प्रतिनिधि)। सूरजपुर कलेक्टर ने फर्जी निवास पत्र मामले में अनुविभागीय अधिकारी भैयाथान को जांच के आदेश दिए थे जिसमे जांच के दौरान फर्जी तरीके से तैयार निवास प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया था एवं प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति मर्यादित सत्य नगर के समिति प्रबंधक को पद से हटा दिया गया था । लेकिन उसके बावजूद एसडीएम के आदेश के खिलाफ जाकर सूरजपुर के वन मंडल अधिकारी व प्रबंध संचालक ने उक्त समिति प्रबंधक को पुनःबहाली का आदेश दे दिया है। जबकि समिति प्रबंधक ने ही अपने निवास प्रमाण पत्र के संबंध में संभाग आयुक्त सरगुजा को पुनरीक्षण याचिका प्रस्तुत किया है। हालांकि वन मंडलाधिकारी व प्रबंध संचालक जिला यूनियन सूरजपुर ने पुनः बहाली के आदेश में यह उल्लेखित भी किया है कि आयुक्त सरगुजा संभाग के न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका के निराकरण एवं निवास प्रमाण पत्र पर अंतिम फैसला होने तक समिति सत्य नगर में प्रबंधक पद पर पुनः बहाल किया जाता है। निवास प्रमाण पत्र राजस्व न्यायालय से निरस्त होने के बाद भी वन मंडलाधिकारी के द्वारा लिए गए निर्णय से शिकायतकर्ता आश्चकित हैं। शिकायतकर्ता ने सरगुजा संभाग आयुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में संयुक्त पंजीयक सरगुज़ा संभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया है।
सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड अंतर्गत आने वाले प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति सत्य नगर क्षेत्र के ग्राम भकुरा निवासी अक्सेन गुर्जर ने बताया कि सत्य नगर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति में समिति प्रबंधक पद के लिए आवेदन आमंत्रित किया गया था जिसमें इसी समिति क्षेत्र के ग्राम के निवासियों को प्राथमिकता व अनिवार्यता थी। मैंने भी प्रबंधक पद के लिए आवेदन किया था किंतु नियुक्ति समिति क्षेत्र के बाहर के ग्राम असुरा के मूल निवासी हेमंत कुमार गुर्जर की हो गई। जब मैंने इसकी जानकारी प्राप्त की तो पता चला हेमंत कुमार गुर्जर ने समिति प्रबंधक की नौकरी के लिए फर्जी तरीके से सत्य नगर समिति क्षेत्र के ग्राम मांडर के नाम से निवास प्रमाण पत्र बनवा लिया है। हेमंत कुमार गुर्जर की नियुक्ति व निवास प्रमाण पत्र के संबंध में सूरजपुर कलेक्टर से दस्तावेज सहित शिकायत की गई तो कलेक्टर ने मामले में जांच का आदेश अनुविभागीय अधिकारी को दिया था। अनुविभागीय अधिकारी ने मामले की जांच के दौरान निवास प्रमाण पत्र को फर्जी पाया। जिसके बाद तत्कालीन डीएफओ व प्रबंध संचालक बीएस भगत ने उसे पद से हटा दिया था। अनुविभागीय अधिकारी द्वारा हेमंत कुमार गुर्जर का निवास प्रमाण पत्र निरस्त किए जाने के बाद उसे पद से हटाया गया। लेकिन इसके बावजूद वर्तमान में पदस्थ वन मंडल अधिकारी और प्रबंध संचालक संजय कुमार यादव ने एसडीएम के आदेश को नजरंदाज करते हुए हेमंत को पुनः बहाल कर दिया है।
इस मामले में शिकायतकर्ता ने संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं सरगुज़ा संभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया है। शिकायतकर्ता अक्सेन गुर्जर ने बताया कि सरगुजा संभाग आयुक्त के यहां आवेदक के द्वारा ही पुनरीक्षण याचिका दायर किया गया है जिसका अभी निराकरण भी नहीं हुआ और न ही उसके निवास प्रमाण पत्र पर कोई अंतिम फैसला लिया गया है और न ही स्थगन दिया गया है। इसके बाद भी वन मंडल अधिकारी और प्रबंध संचालक सूरजपुर ने हेमंत कुमार गुर्जर को सत्यनगर समिति प्रबंधक के पद पर बहाल कर दिया है। यह पूरी जानकारी सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त की गई है जिसके संबंध में समस्त दस्तावेज भी उपलब्ध हैं। अक्सेन गुर्जर ने इस मामले की जांच सरगुजा संभाग आयुक्त से कराए जाने की मांग की है।



















