
मुख्य बिंदु:
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मेडिकल बिल पास करने के बदले शिक्षक से मांगी थी घूस।
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एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जाल बिछाकर आरोपी को दबोचा।
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10 महीने से लंबित था बिल, प्राचार्य की भूमिका पर भी उठे सवाल।
रायपुर: छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय स्कूल के एक बाबू को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी बाबू एक शिक्षक पर उसके मेडिकल बिल को पास करने के लिए दबाव बना रहा था। शिक्षक की हिम्मत और एसीबी की मुस्तैदी ने रिश्वतखोर कर्मचारी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: 10 हजार की रिश्वत लेते बाबू रंगे हाथों गिरफ्तार
शिक्षक ने दिखाई हिम्मत, ACB में की शिकायत
ग्राम पारागांव के निवासी शिक्षक चंद्रहास निषाद अपने बच्चे के इलाज पर हुए खर्च का मेडिकल बिल पास कराने के लिए महीनों से परेशान थे। उन्होंने इलाज में लगभग डेढ़ लाख रुपये खर्च किए थे और नियमानुसार एक लाख रुपये का मेडिकल बिल पास कराने के लिए आवेदन दिया था। लेकिन स्कूल का बाबू मनोज कुमार ठाकुर बिल को आगे बढ़ाने के बदले 10 हजार रुपये की मांग कर रहा था। बाबू की इस हरकत से तंग आकर शिक्षक ने हिम्मत दिखाई और इसकी शिकायत सीधे एसीबी से कर दी।छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: 10 हजार की रिश्वत लेते बाबू रंगे हाथों गिरफ्तार
10 महीने से लटका था मेडिकल बिल, प्राचार्य की भूमिका भी संदिग्ध
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि शिक्षक ने बिल के लिए आवेदन लगभग 10 महीने पहले ही जमा कर दिया था। इस दौरान वह लगातार कार्यालय के चक्कर काट रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इतने लंबे समय तक बिल का लंबित रहना और प्रक्रिया को आगे न बढ़ाना स्कूल के प्राचार्य की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। उनकी चुप्पी और उदासीनता से यह संदेह पैदा होता है कि क्या यह सब उनकी जानकारी में हो रहा था।छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: 10 हजार की रिश्वत लेते बाबू रंगे हाथों गिरफ्तार
ACB की सफल ट्रैप, रिश्वतखोर बाबू पहुंचा जेल
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की पुष्टि की और आरोपी बाबू को पकड़ने के लिए एक योजना बनाई। जैसे ही शिक्षक ने बाबू मनोज कुमार ठाकुर को रिश्वत के 10 हजार रुपये दिए, पहले से तैयार एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी पहले भी इस तरह के कामों में लिप्त रहा है, जिसकी अब जांच की जाएगी।छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: 10 हजार की रिश्वत लेते बाबू रंगे हाथों गिरफ्तार
भ्रष्टाचार पर ACB का कड़ा रुख: ‘रिश्वत ली तो जेल तय’
इस कार्रवाई के साथ एसीबी ने एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे कोई छोटा कर्मचारी हो या बड़ा अधिकारी, अगर कोई भी रिश्वतखोरी में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसीबी की इस कार्रवाई से भ्रष्ट कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: 10 हजार की रिश्वत लेते बाबू रंगे हाथों गिरफ्तार








