राजनांदगांव: अवैध धान भंडारण पर प्रशासन का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 3.5 करोड़ का धान और 3 वाहन जब्त
कलेक्टर के सख्त निर्देश के बाद ताबड़तोड़ कार्रवाई, 65 प्रकरणों में 10 हजार क्विंटल से ज्यादा धान बरामद; बिचौलियों में मचा हड़कंप

राजनांदगांव:
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का महापर्व शुरू होते ही अवैध रूप से धान खपाने वाले बिचौलिये (कोचिए) भी सक्रिय हो गए हैं। लेकिन इस बार राजनांदगांव जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। जिला कलेक्टर जितेंद्र यादव के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन ने अवैध धान भंडारण और परिवहन के खिलाफ एक बड़ी मुहीम छेड़ दी है। अब तक की कार्रवाई में प्रशासन ने साढ़े तीन करोड़ रुपये से अधिक का अवैध धान जब्त कर कोचियों की कमर तोड़ दी है।
65 प्रकरणों में 10 हजार क्विंटल से ज्यादा धान जब्त
जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अवैध धान के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में अब तक कुल 65 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में कुल 10,646 क्विंटल (दस हजार छह सौ छियालीस) अवैध धान जब्त किया गया है। बाजार मूल्य के अनुसार, जब्त किए गए इस धान की कुल कीमत 3 करोड़ 30 लाख 26 हजार रुपए आंकी गई है।3.5 करोड़ का धान और 3 वाहन जब्त
हालिया कार्रवाई: करमरी और छुरिया में बड़ी दबिश
प्रशासनिक टीम ने हाल ही में जिले के अलग-अलग हिस्सों में ताबड़तोड़ छापेमारी की है:
ग्राम करमरी: यहाँ थोक व्यापारी पीयूष जैन के घर पर दबिश दी गई। मौके से लगभग 1500 कट्टों में 600 क्विंटल अवैध धान का भंडारण मिला। व्यापारी द्वारा दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। वहीं, इसी गांव में शांति विजय ट्रेडर्स (अरविंद जैन) की किराना दुकान से बिना लाइसेंस के 250 कट्टा धान जब्त किया गया।
अन्य क्षेत्र: छुरिया क्षेत्र के हाटबंजारी से एक वाहन सहित 80 कट्टा धान, सिंघोला में एक फुटकर व्यापारी से 44 कट्टा और उसरीबोड में एक थोक व्यापारी से 800 कट्टा धान जब्त किया गया है।
वाहनों पर भी शिकंजा: सीजन खत्म होने तक नहीं छूटेंगे वाहन
प्रशासन ने सिर्फ धान ही नहीं, बल्कि अवैध परिवहन में लगे वाहनों पर भी सख्त कार्रवाई की है। अब तक 3 वाहनों को जब्त किया जा चुका है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब्त किए गए वाहनों को धान खरीदी की अवधि समाप्त होने के बाद ही छोड़ा जाएगा। इस सख्त रवैये से अवैध परिवहन करने वालों में डर का माहौल है।3.5 करोड़ का धान और 3 वाहन जब्त
कोचियों ने बदले पैंतरे, प्रशासन की नजर पैनी
प्रशासन की लगातार हो रही कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, अब कोचिए धान को छिपाने के लिए किराए के मकानों और गोदामों का सहारा ले रहे हैं। हालांकि, राजनांदगांव विकासखंड, डोंगरगढ़ और डोंगरगांव में तैनात उड़नदस्ता टीमें लगातार खुफिया जानकारी के आधार पर छापेमारी कर रही हैं।3.5 करोड़ का धान और 3 वाहन जब्त
प्रशासन का संदेश
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने की आड़ में अवैध मुनाफाखोरी और दूसरे राज्यों का धान खपाने की कोशिश को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में यह जांच अभियान और तेज किया जाएगा।3.5 करोड़ का धान और 3 वाहन जब्त



















