
रायपुर: महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन. भारत का इस्तीफा, राज्यपाल को भेजा पत्र; जानें उनका अब तक का सफर. छत्तीसगढ़ के न्यायिक गलियारों से बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General) प्रफुल्ल एन. भारत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सोमवार को उन्होंने अपना त्यागपत्र राज्यपाल रमन डेका को सौंप दिया। अधिकारियों ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
हालांकि, प्रफुल्ल एन. भारत ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में अपने इस्तीफे की पुष्टि तो की है, लेकिन उन्होंने इस फैसले के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं किया है।महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन. भारत का इस्तीफामहाधिवक्ता प्रफुल्ल एन. भारत का इस्तीफा
सीएम और कैबिनेट का जताया आभार
अपने त्यागपत्र में प्रफुल्ल एन. भारत ने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों और वरिष्ठ नौकरशाहों को धन्यवाद दिया है। गौरतलब है कि राज्य में नई भाजपा सरकार के गठन के बाद जनवरी 2024 में ही उन्हें इस महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा की जगह ली थी।महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन. भारत का इस्तीफा
कौन हैं प्रफुल्ल एन. भारत? (Who is Prafulla N. Bharat)
प्रफुल्ल एन. भारत का वकालत के क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। वे मूल रूप से जगदलपुर के रहने वाले हैं। उनके करियर के मुख्य पड़ाव इस प्रकार हैं:
शुरुआती सफर: विधि (Law) की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने जबलपुर हाई कोर्ट से वकालत शुरू की और वहां पांच साल तक प्रैक्टिस की।
छत्तीसगढ़ आगमन: जब छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की स्थापना हुई, तो वे जबलपुर से बिलासपुर आ गए और यहीं अपनी वकालत जारी रखी।
पिछला अनुभव: प्रफुल्ल भारत इससे पहले भी महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। वर्ष 2014 से 2018 तक, रमन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के दौरान, उन्होंने राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता (Additional Advocate General) के रूप में कार्य किया था।
पैनल लॉयर से एजी तक: महाधिवक्ता रविंद्र श्रीवास्तव के कार्यकाल में वे पहले पैनल लॉयर बने, फिर अतिरिक्त महाधिवक्ता बने। सत्ता परिवर्तन के बाद उन्होंने निजी वकालत शुरू कर दी थी, जिसके बाद 2024 में उन्हें महाधिवक्ता बनाया गया।
क्या होता है महाधिवक्ता का पद?
महाधिवक्ता का पद राज्य का सर्वोच्च विधि अधिकारी का पद होता है। यह एक संवैधानिक पद है:
नियुक्ति: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165 के तहत राज्यपाल द्वारा महाधिवक्ता की नियुक्ति की जाती है।
योग्यता: इस पद के लिए वही व्यक्ति योग्य होता है जो उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने की योग्यता रखता हो।
कार्य: इनका मुख्य कार्य राज्यपाल द्वारा सौंपे गए कानूनी मामलों पर राज्य सरकार को सलाह देना और न्यायालय में सरकार का पक्ष रखना होता है।
फिलहाल, प्रफुल्ल एन. भारत के इस्तीफे के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विष्णु देव साय सरकार अगला महाधिवक्ता किसे नियुक्त करती है।महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन. भारत का इस्तीफा



















