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 मैं झारखंड हूं या लूटखंड! अफसर, नेता… किस-किस का नाम लूं मैं, मुझे हर किसी ने लूटा

 मैं झारखंड हूं या लूटखंड! अफसर, नेता… किस-किस का नाम लूं मैं, मुझे हर किसी ने लूटा

अर्से से अलग झारखंड राज्य की मांग को अटल बिहारी वाजपेयी की तत्कालीन सरकार ने वर्ष 2000 में पूरा तो कर दिया, लेकिन जिस मकसद से अलग राज्य की मांग हो रही थी, वह मकसद पीछे छूट गया। झारखंड में लूट का सिलसिला शुरू हो गया। बिहार से अलग झारखंड बनाने की मांग इसलिए हो रही थी कि इसका समुचित विकास अपने ही संसाधनों से सुचारू ढंग से हो पाएगा। इसकी झलक भी पहले बजट में दिखी थी। राज्य सरकार का शुरुआती बजट सरप्लस था। झारखंड अलग राज्य बनने के बाद जिस विकास और खुशहाली का सपना लोगों ने देखा था, वह तो पूरा नहीं हुआ, उल्टे यहां लूट की संस्कृति दिन प्रतिदिन मजबूत होती गई। हाल के तीन साल में जिस तरह नौकरशाहों के घर से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम नोटों का जखीरा बरामद करती आ रही है, उससे तो झारखंड का अघोषित नाम लूटखंड हो गया है।मैं झारखंड हूं या लूटखंडl

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मधु कोड़ा ने किया था खनन घोटाला

झारखंड का सीएम रहते मधु कोड़ा पर खनन घोटाले के आरोप लगे। उनके कार्यकाल के दौरान हुए भ्रष्टाचार के मामले में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। मनी लांड्रिंग के अलावा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस उन पर चला। मधु कोड़ा पर आरोप था कि उन्होंने रिश्वत लेकर खनन का ठेका लोगों को दिया। मधु कोड़ा और उनके सहयोगियों ने तकरीबन चार हजार करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। इन्हीं आरोपों के मद्देनजर 2009 में मधु कोड़ा को गिरफ्तार किया गया। चार साल जेल में रहने के बाद 2013 में उनकी रिहाई हुई थी।मैं झारखंड हूं या लूटखंडl

 मैं झारखंड हूं या लूटखंड! अफसर, नेता... किस-किस का नाम लूं मैं, मुझे हर किसी ने लूटा

मनी लांड्रिंग मामले में उनकी 144 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क हुई थी। मधु कोड़ा 2017 में दोषी करार दिए गए। 25 लाख रुपए जुर्माने के साथ उन्हें तीन साल की जेल की सजा हुई। मधु कोड़ा के आधे से अधिक मंत्रिमंडलीय सहयोगी भी भ्रष्टाचार के मामलों में जेल की हवा खा चुके हैं। उनमें एक की तो मृत्यु हो गई और बाकी कुछ के खिलाफ अब भी मामले अदालतों में हैं।:मैं झारखंड हूं या लूटखंडl

पूजा के सीए के घर से मिले थे 17 करोड़

वर्ष 2019 में जब हेमंत सोरेन ने राज्य की बागडोर संभाली तो उनके युवा और बेदाग व्यक्तित्व को देख कर लोगों को लगा था कि वे अब झारखंड को आगे ले जाएंगे। लेकिन लोगों की उम्मीदों पर तब पानी फिर गया, जब उनके कार्यकाल में 7 मई 2022 को झारखंड में पदस्थापित आईएएस पूजा सिंघल के करीबी एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के घर से ईडी ने 17 करोड़ रुपए बरामद किए। बिस्तर के नीचे नोटों के बंडल सजा कर रखे गए थे। नकद के अलावा उसके पास से आठ करोड़ रुपए मूल्य की की संपत्ति भी मिली थी। इस सिलसिले में बिहार के मधुबनी से पूजा सिंघल के ससुर को भी गिरफ्तार किया गया था। पूजा सिंघल अब भी जेल में हैंlमैं झारखंड हूं या लूटखंडl

मंत्री के पीए का नौकर निकला कुबेर

इसके ठीक दो साल बाद 7 मई 2024 को झारखंड प्रशासनिक सेवा के एक अधिकारी और ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के पीए संजीव लाल के नौकर के घर से ईडी ने 35 करोड़ से अधिक कैश बरामद किए हैं। झारखंड में विपक्षी भाजपा के नेता इसे सीधे आलमगीर आलम से जोड़ कर देख रहे हैं। भाजपा नताओं का कहना है कि इतनी बड़ी रकम मंत्री के पीए के नौकर के घर से मिलना साफ संकेत है कि यह काली कमाई मंत्री ने ही छिपा कर रखवाई थी। जांच जारी है और कई और बड़े नाम इस लपेटे में आ जाएं तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।मैं झारखंड हूं या लूटखंडl

इंजीनियर के घर मिली अकूत संपत्ति

ईडी ने जिस सिलसिले में यह कार्रवाई की है, उसके तार पिछले साल गिरफ्तार हुए ग्रामीण विकास के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम से जुड़ते हैं। फरवरी 2023 में ईडी ने ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के रांची, जमशेदपुर सहित तकरीबन दो दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की थी। ईडी ने उनके घर से डेढ़ करोड़ से अधिक के जेवरात जब्त किए थे। वीरेंद्र राम अब भी जेल में हैं। ईडी को वीरेंद्र राम के ठिकानों से जेवरात के अलावा नकद 20 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के कागजात भी मिले थे। ये वही वीरेंद्र राम थे, जिन पर 2019 के विधानसभा चुनाव में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगा था। उनके घर से करीब ढाई करोड़ रुपये बरामद हुए थे।मैं झारखंड हूं या लूटखंडl

 सांसद से ठिकानों से मिले 350 करोड़

वर्ष 2023 में ही कांग्रेस कोटे से राज्यसभा सांसद धीरज साहू के ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापेमारी कर 350 करोड़ से अधिक नकद बरामद किए थे। 350 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित नकदी के अलावा 2.8 करोड़ रुपए से अधिक के बेहिसाबी ज्वेलरी भी जब्त हुई थी। आयकर विभाग ने कहा था कि 329 करोड़ रुपये नकद का एक बड़ा हिस्सा ओड़िशा के छोटे शहरों से बरामद किए गए। हालांकि धीरज साहू ने दावा किया था कि बरामद रुपयों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। व्यवसाय उनके घर के अन्य लोग संभालते हैं और संभव है कि व्यावसायिक लेन-देन की ही यह रकम हो।मैं झारखंड हूं या लूटखंडl

हेमंत पर है जमीन घोटाले का आरोप

झारखंड के जिस सीएम हेमंत सोरेन से लोगों को काफी उम्मीदें थीं, वे खुद जमीन घोटाले में जेल की हवा खा रहे हैं। उन पर सेना की जमीन का मालिकाना हक हथियाने का आरोप लगा है। ईडी ने आरोप पत्र भी जमा कर दिया है। हालत यह है कि हेमंत सोरेन को अपने चाचा के श्राद्ध में शामिल होने के लिए कुछ घंटों की मोहलत के लिए अदालत के सामने गिड़गिड़ाना पड़ा। हेमंत पर तो यह भी आरोप लगा था कि उन्होंने पद का दुरुपयोग कर खनन पट्टा अपने नाम लिया था। कुल मिला कर यह कहना झारखंड के संदर्भ में सटीक लगता है कि इसका नाम लूटखंड रखना ज्यादा सटीक होगा। इसलिए कि स्थापना के 24 साल में झारखंड के नेताओं-अफसरों पर लूट के जिस तरह के आरोप लगे हैं, उससे यही ध्वनि प्रस्फुटित होती है lमैं झारखंड हूं या लूटखंडl

Nidar Chhattisgarh Desk

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