छत्तीसगढ़ में जल्द आएगा धर्मांतरण विरोधी कठोर कानून, CM साय ने हिंदू राष्ट्र अधिवेशन में किया बड़ा ऐलान

छत्तीसगढ़ में जल्द आएगा धर्मांतरण विरोधी कठोर कानून, CM साय ने हिंदू राष्ट्र अधिवेशन में किया बड़ा ऐलान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल्द आएगा धर्मांतरण विरोधी कठोर कानून, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। रायपुर के शदाणी दरबार में आयोजित ‘राज्य स्तरीय हिंदू राष्ट्र अधिवेशन’ को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार आगामी विधानसभा सत्र में धर्मांतरण के खिलाफ एक सख्त विधेयक पेश करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सनातन संस्कृति को कमजोर करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सनातन और गौ-सेवा हमारी प्राथमिकता: सीएम साय
हिंदू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित इस अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को गिनाते हुए कहा कि वे सनातन परंपराओं को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा:
राजिम कुंभ की वापसी: हमारी सरकार ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करते हुए भव्य राजिम कुंभ को पुनः प्रारंभ किया है।
गौ-वंश की रक्षा: गौ-पालन को बढ़ावा देना और गौ-वंश की रक्षा करना हमारा संकल्प है। हमने गौशालाओं के लिए अनुदान बढ़ाया है और सड़कों को मवेशी मुक्त करने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।
मंदिरों का जीर्णोद्धार: प्रदेश में मंदिरों के निर्माण और जीर्णोद्धार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। हमारी सरकार ने 48 मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए स्वीकृति प्रदान की है।
धर्मांतरण पर लगेगी लगाम
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सबसे बड़ा जोर धर्मांतरण के मुद्दे पर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध धर्मांतरण एक गंभीर समस्या है और इसे रोकने के लिए एक मजबूत कानून की आवश्यकता है। उन्होंने मंच से आश्वस्त किया कि आने वाले विधानसभा सत्र में धर्मांतरण पर एक प्रभावी विधेयक लाया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार के प्रलोभन या जबरन धर्मांतरण पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।छत्तीसगढ़ में जल्द आएगा धर्मांतरण विरोधी कठोर कानून
इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव समेत कई अन्य नेता और बड़ी संख्या में हिंदू जनजागृति समिति के कार्यकर्ता उपस्थित थे। मुख्यमंत्री के इन ऐलानों को सनातन संस्कृति और हिंदू हितों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।छत्तीसगढ़ में जल्द आएगा धर्मांतरण विरोधी कठोर कानून



















