छत्तीसगढ़ में ‘अंत्योदय’ का संकल्प: 5 लाख भूमिहीन परिवारों के खाते में आएंगे ₹500 करोड़

रायपुर: छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और गरीब परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ के माध्यम से राज्य सरकार समाज के सबसे पिछड़े तबके को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने जा रही है।
मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात: 10 हजार रुपये की सीधी सहायता
‘अंत्योदय’ का संकल्प:छत्तीसगढ़ सरकार इस वर्ष लगभग 4 लाख 95 हजार 965 भूमिहीन कृषि मजदूरों के बैंक खातों में सीधे वित्तीय सहायता हस्तांतरित करेगी। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र लाभार्थी को 10,000 रुपये की वार्षिक राशि प्रदान की जाएगी। सरकार ने इस कल्याणकारी कार्य के लिए कुल 495 करोड़ 96 लाख रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है।
सांस्कृतिक रक्षक ‘बैगा-गुनिया’ परिवारों को मिला विशेष सम्मान
इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी राज्य की पारंपरिक विरासत को सहेजने वाले लोग हैं। लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार शामिल हैं। ये वे लोग हैं जो सदियों से छत्तीसगढ़ की औषधीय परंपराओं और लोक संस्कृति का संरक्षण कर रहे हैं। सरकार ने इन्हें मुख्यधारा से जोड़कर यह संदेश दिया है कि सुशासन में हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित है।
7,000 से बढ़ाकर 10,000 की गई सहायता राशि
‘अंत्योदय’ का संकल्प:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने भूमिहीन मजदूरों के हितों को सर्वोपरि रखा है। पूर्व में इस योजना के तहत दी जाने वाली 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है। यह वृद्धि ग्रामीण परिवारों को महंगाई से लड़ने और उनकी बुनियादी जरूरतों जैसे—शिक्षा और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करेगी।
विकास की राह पर बढ़ता छत्तीसगढ़
राज्य सरकार के आंकड़े बताते हैं कि भूमिहीन परिवारों का आर्थिक सुदृढ़ीकरण सरकार की प्राथमिकता है। बीते वर्ष भी 5.62 लाख से अधिक लाभार्थियों को करोड़ों रुपये की सहायता दी गई थी। बलौदाबाजार में आयोजित होने वाले आगामी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वयं इस राशि का अंतरण करेंगे, जो प्रदेश में ‘न्याय और सुशासन’ की नई इबारत लिखेगा।
योजना का मुख्य उद्देश्य: आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था
‘अंत्योदय’ का संकल्प:’दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ केवल एक आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उन मजदूरों के लिए सम्मानजनक जीवन का आधार है जिनके पास स्वयं की कृषि भूमि नहीं है। इस राशि से मजदूर परिवार अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए साहूकारों के कर्ज पर निर्भर नहीं रहेंगे, जिससे ग्रामीण ऋणग्रस्तता में कमी आएगी।
‘अंत्योदय’ का संकल्प: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह पहल छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बन रही है। बैगा-गुनिया परिवारों को प्राथमिकता देना और सहायता राशि में वृद्धि करना राज्य सरकार की संवेदनशील नीति को दर्शाता है।



















