राजस्थान: अमृत भारत योजना से बदल गई दौसा और बांदीकुई रेलवे स्टेशन की सूरत, 39 करोड़ से हुआ कायाकल्प

अमृत भारत स्टेशन योजना (Amrit Bharat Station Scheme) के तहत भारतीय रेलवे लगातार स्टेशनों को आधुनिक बनाने में जुटा है। इसी कड़ी में उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल ने राजस्थान के दो प्रमुख स्टेशनों—दौसा और बांदीकुई की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। लगभग 39.44 करोड़ रुपये की लागत से इन स्टेशनों पर यात्रियों को अब एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
यहाँ इन दोनों स्टेशनों पर हुए विकास कार्यों का पूरा ब्यौरा दिया गया है:
दौसा रेलवे स्टेशन: 15 करोड़ में मिलीं हाई-टेक सुविधाएं
जयपुर मंडल की वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक पूजा मित्तल के अनुसार, दौसा रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर करीब 15.17 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यहाँ का काम लगभग पूरा हो चुका है।अमृत भारत योजना से बदल गई दौसा और बांदीकुई रेलवे स्टेशन की सूरत, 39 करोड़ से हुआ कायाकल्प
नया इन्फ्रास्ट्रक्चर: स्टेशन पर एक भव्य टिकट हॉल, कार और टू-व्हीलर पार्किंग, आधुनिक प्रवेश द्वार और सर्कुलेटिंग एरिया तैयार किया गया है।
यात्री सुविधाएं: यात्रियों की सुविधा के लिए महिला और सामान्य प्रतीक्षालय, वीआईपी गेस्ट रूम (VIP Room) और पे-एंड-यूज टॉयलेट्स बनाए गए हैं।
फुट ओवर ब्रिज: स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा ऊपरी पैदल पुल (FOB) बनाने का काम अंतिम चरण में है।
सौंदर्यीकरण: स्टेशन की दीवारों पर आकर्षक आर्ट पेंटिंग की गई है और दिव्यांगजनों के लिए विशेष रैंप और शौचालय बनाए गए हैं।
बांदीकुई जंक्शन: 24 करोड़ से 95% काम पूरा, हेरिटेज लुक में दिखा स्टेशन
बांदीकुई रेलवे स्टेशन को 24 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से नया रूप दिया जा रहा है। यहाँ करीब 95% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।अमृत भारत योजना से बदल गई दौसा और बांदीकुई रेलवे स्टेशन की सूरत, 39 करोड़ से हुआ कायाकल्प
भव्य प्रवेश द्वार: स्टेशन का मुख्य भवन, बुकिंग ऑफिस और पोर्च का काम पूरा हो चुका है। स्थानीय कला और संस्कृति की झलक दिखाने वाली पेंटिंग्स और अच्छी लाइटिंग वाला प्रवेश द्वार यात्रियों को आकर्षित कर रहा है।
सुरक्षा और सुविधा: स्टेशन पर निगरानी के लिए अपग्रेडेड सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा, वातानुकूलित (AC) वेटिंग हॉल और ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनें भी लगाई गई हैं।
निर्माण कार्य: यहाँ भी 12 मीटर चौड़े एफओबी का 60% काम पूरा हो गया है। साथ ही पार्किंग और ड्रेनेज सिस्टम को सुधारा गया है।
यात्रियों के लिए वर्ल्ड क्लास अनुभव
दोनों स्टेशनों पर ‘अमृत भारत योजना’ के तहत किए गए बदलावों का उद्देश्य यात्रियों को सुखद और सुरक्षित यात्रा का अनुभव देना है।अमृत भारत योजना से बदल गई दौसा और बांदीकुई रेलवे स्टेशन की सूरत, 39 करोड़ से हुआ कायाकल्प
प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं ताकि भीड़ न हो।
कोच इंडिकेशन बोर्ड और डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं।
हरित स्थानों (Green Spaces) का विकास किया गया है ताकि स्टेशन परिसर पर्यावरण के अनुकूल रहे।
रेलवे का यह कदम न केवल दौसा और बांदीकुई के निवासियों के लिए, बल्कि यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए भी एक बड़ी सौगात है।अमृत भारत योजना से बदल गई दौसा और बांदीकुई रेलवे स्टेशन की सूरत, 39 करोड़ से हुआ कायाकल्प



















