रायपुर में खत्म होगी ऑटो की मनमानी! 100 ई-बसों के लिए 11 करोड़ का डिपो मंजूर, जल्द मिलेगी सस्ती और आरामदायक यात्रा

मुख्य बिंदु:
केंद्र की ‘पीएम ई-बस सेवा’ के तहत रायपुर को मिलेंगी 100 इलेक्ट्रिक बसें।
WhatsApp Group Join NowFacebook Page Follow NowYouTube Channel Subscribe NowTelegram Group Follow NowInstagram Follow NowDailyhunt Join NowGoogle News Follow Us!हीरापुर जरवाय में 11.17 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा 5 एकड़ का अत्याधुनिक बस डिपो।
खराब पब्लिक ट्रांसपोर्ट और महंगे ऑटो के किराए से परेशान जनता को मिलेगी बड़ी राहत।
8 महीने में डिपो तैयार करने का लक्ष्य, लेकिन बसों के आने में लग सकता है एक साल।
रायपुर: रायपुर में खत्म होगी ऑटो की मनमानी! 100 ई-बसों के लिए 11 करोड़ का डिपो मंजूर, जल्द मिलेगी सस्ती और आरामदायक यात्रा, राजधानी रायपुर के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शहर की चरमराई हुई सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पटरी पर लाने और ऑटो चालकों की मनमानी से राहत दिलाने के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है। केंद्र सरकार से मिलने वाली 100 इलेक्ट्रिक सिटी बसों के लिए हीरापुर जरवाय में एक विशाल डिपो बनाने का काम जल्द ही शुरू होने वाला है।
कहाँ बनेगा नया डिपो और क्या होगी खासियत?
यह नया और आधुनिक ई-बस डिपो टाटीबंध-भनपुरी रिंग रोड नंबर-2 पर स्थित हीरापुर जरवाय में बनाया जाएगा। इसके निर्माण के लिए 11 करोड़ 17 लाख रुपये का टेंडर फाइनल हो चुका है।100 ई-बसों के लिए 11 करोड़ का डिपो मंजूर, जल्द मिलेगी सस्ती और आरामदायक यात्रा
क्षेत्रफल: यह पूरा कैंपस 5 एकड़ में फैला होगा।
सुविधाएं: यहां बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन, महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग टिकट काउंटर और बसों के संचालन के लिए एक पूरा कार्यालय बनाया जाएगा।
समय सीमा: निर्माण का ठेका बिलासपुर की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है, जिसे यह काम 8 महीने में पूरा करना है।
इस डिपो के बनने से बसें सीधे रिंग रोड से शहर के सभी प्रमुख मार्गों जैसे जीई रोड, कोटा, गुढ़ियारी, बिरगांव और नए बस टर्मिनल तक आसानी से पहुंच सकेंगी।100 ई-बसों के लिए 11 करोड़ का डिपो मंजूर, जल्द मिलेगी सस्ती और आरामदायक यात्रा
क्यों है इस प्रोजेक्ट की सख्त जरूरत?
वर्तमान में रायपुर की सार्वजनिक बस सेवा लगभग ठप पड़ी है। कोरोना काल के बाद पुरानी सिटी बसों में से ज्यादातर कंडम हो चुकी हैं। गिनी-चुनी बसें ही कुछ मार्गों पर चल रही हैं, जिसका सीधा फायदा ऑटो चालक उठा रहे हैं। 8 से 10 किलोमीटर के सफर के लिए भी लोगों को 100 से 150 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं, जिससे आम जनता की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है।100 ई-बसों के लिए 11 करोड़ का डिपो मंजूर, जल्द मिलेगी सस्ती और आरामदायक यात्रा
कब तक सड़कों पर दौड़ेंगी ई-बसें?
हालांकि डिपो निर्माण का रास्ता साफ हो गया है, लेकिन बसों के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। केंद्र सरकार की ‘पीएम ई-बस सेवा’ योजना के तहत रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा को कुल 240 ई-बसें मिलनी हैं।
रूट सर्वे: केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त एक एजेंसी इन शहरों में सर्वे कर बसों के रूट और किराया तय करेगी।
एक साल का इंतजार: अधिकारियों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में और बसों के रायपुर पहुंचने में अभी लगभग एक साल का समय और लग सकता है।
भले ही इसमें थोड़ा वक्त लगे, लेकिन यह तय है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद रायपुर के लोगों को न केवल सस्ती और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा, बल्कि शहर में वायु प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी।100 ई-बसों के लिए 11 करोड़ का डिपो मंजूर, जल्द मिलेगी सस्ती और आरामदायक यात्रा



















