ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने पर विवाद, बाबा रामदेव ने साधा निशाना

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री रहीं ममता कुलकर्णी के प्रयागराज महाकुंभ में महामंडलेश्वर बनने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। योग गुरु बाबा रामदेव ने इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि एक दिन में कोई संत नहीं बन सकता, इसके लिए सालों की तपस्या और साधना की आवश्यकता होती है। ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने पर विवाद, बाबा रामदेव ने साधा निशाना
बाबा रामदेव का बयान
पत्रकारों से बातचीत में बाबा रामदेव ने कहा,
“आजकल किसी के भी नाम के आगे बाबा जोड़ दिया जाता है। कुंभ के नाम पर रील्स और फूहड़ता फैलाना ठीक नहीं है। सनातन धर्म का असली अर्थ इसे जीना और समझना है। महामंडलेश्वर बनना या साधु बनना सालों की साधना का परिणाम होता है, न कि एक दिन की प्रक्रिया। आज मैं देख रहा हूं कि किसी को भी महामंडलेश्वर बना दिया जा रहा है, जो कि गलत है।”
ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर के रूप में पट्टाभिषेक
ममता कुलकर्णी ने प्रयागराज महाकुंभ में संगम में स्नान कर संन्यास लेने की घोषणा की। किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरि ने बताया कि ममता ने गंगा तट पर पिंडदान कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महामंडलेश्वर का पद ग्रहण किया।
उनका नाम बदलकर यमाई ममता नंद गिरि रखा गया। इस आयोजन में जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी महेंद्रानंद गिरि और किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी सहित कई प्रमुख संत मौजूद थे। ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने पर विवाद, बाबा रामदेव ने साधा निशाना
किन्नर अखाड़ा में पांच अन्य महामंडलेश्वरों का पट्टाभिषेक
ममता कुलकर्णी के साथ-साथ पांच अन्य महामंडलेश्वरों का भी पट्टाभिषेक किया गया। इनमें गिरनारी नंद गिरि, कृष्णानंद गिरि, राजेश्वरी नंद गिरि, विद्या नंद गिरि, और नीलम नंद गिरि शामिल हैं। ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने पर विवाद, बाबा रामदेव ने साधा निशाना
महामंडलेश्वर बनने पर क्यों हो रहा है विवाद?
बाबा रामदेव और अन्य धार्मिक नेताओं का मानना है कि साधु और संत का जीवन चुनने के लिए वर्षों की साधना और तपस्या जरूरी होती है। किसी को एक दिन में महामंडलेश्वर बनाना सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने पर विवाद, बाबा रामदेव ने साधा निशाना



















