बालोद प्रशासन का बड़ा एक्शन: कस्टम मिलिंग नियमों के उल्लंघन पर केजीएन राइस मिल सील, हजारों क्विंटल धान-चावल जब्त

बालोद: बालोद प्रशासन का बड़ा एक्शन: कस्टम मिलिंग नियमों के उल्लंघन पर केजीएन राइस मिल सील, हजारों क्विंटल धान-चावल जब्त, छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में प्रशासन ने अवैध गतिविधियों और नियमों की अनदेखी करने वाले राइस मिलर्स के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। हाल ही में गुरूर ब्लॉक स्थित केजीएन (KGN) राइस मिल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया गया है। इस कार्रवाई से जिले के अन्य मिल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
बालोद में राइस मिलर्स पर प्रशासन का डंडा: नियमों की अनदेखी पड़ी भारी
बालोद प्रशासन का बड़ा एक्शनकलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद राजस्व, खाद्य विभाग और मंडी विभाग की एक संयुक्त टीम ने केजीएन राइस मिल पर छापा मारा। जांच के दौरान पाया गया कि मिल ने कस्टम मिलिंग के निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया है। अनुबंध के अनुसार चावल जमा न करने और भारी विसंगतियां पाए जाने के कारण प्रशासन ने मिल को तत्काल प्रभाव से सील करने का निर्णय लिया।
कस्टम मिलिंग में बड़ी लापरवाही: 10 हजार क्विंटल से ज्यादा चावल का हिसाब गायब
बालोद प्रशासन का बड़ा एक्शनखरीद विपणन वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, केजीएन राइस मिल ने एफसीआई (FCI) में उसना चावल के लिए 96,000 क्विंटल धान का अनुबंध किया था।
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धान का उठाव: मिल द्वारा अब तक 56,658 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है।
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जमा चावल का लक्ष्य: उठाए गए धान के बदले मिल को 38,913 क्विंटल चावल जमा करना था।
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वास्तविक जमा: मिल ने अब तक केवल 28,121 क्विंटल चावल ही जमा किया है।
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बकाया स्टॉक: जांच में सामने आया कि 10,791 क्विंटल चावल अभी भी बकाया है, जिसे समय सीमा के भीतर जमा नहीं किया गया।
छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग आदेश 2016 के तहत हुई कानूनी कार्रवाई
बालोद प्रशासन का बड़ा एक्शनअधिकारियों के अनुसार, राइस मिल ने निर्धारित लक्ष्य का केवल 70.26 प्रतिशत चावल ही जमा किया है। यह छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 की कंडिका 4(1) का सीधा उल्लंघन है। नियमों की इसी अवहेलना के कारण कंडिका 09 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
स्टॉक जब्त, राइस मिल में मचा हड़कंप
बालोद प्रशासन का बड़ा एक्शनछापेमारी के दौरान जांच दल ने मिल परिसर में मौजूद भारी मात्रा में धान और चावल को अपने कब्जे में ले लिया है। जब्त किए गए स्टॉक को मिल के मुंशी की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी अनाज के रख-रखाव और मिलिंग कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बालोद प्रशासन का बड़ा एक्शनबालोद जिला प्रशासन की यह कार्रवाई धान के उठाव और चावल की जमा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।









