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बलौदाबाजार रियल इस्पात हादसा: मुख्यमंत्री के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई, किल्न-01 सील और ऑपरेशन पर पूरी तरह रोक

बलौदाबाजार रियल इस्पात हादसा: मुख्यमंत्री के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई, किल्न-01 सील और ऑपरेशन पर पूरी तरह रोक, छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्थित मेसर्स रियल इस्पात एण्ड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड में हुए भीषण औद्योगिक हादसे के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त निर्देशों के बाद, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने कारखाने के प्रभावित हिस्से को सील कर दिया है और इसके संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया है।

भीषण औद्योगिक दुर्घटना: 6 श्रमिकों की मौत और कई घायल

बलौदाबाजार रियल इस्पात हादसा: बलौदाबाजार के बकुलाही स्थित रियल इस्पात संयंत्र में गुरुवार की सुबह एक हृदय विदारक घटना घटी। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, किल्न क्रमांक-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर में कार्य के दौरान अचानक विस्फोट हुआ और अत्यधिक गर्म राख (Hot Ash) की बौछार हो गई। इस हादसे में 6 श्रमिकों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि 5 अन्य श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका इलाज जारी है।

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जांच में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी का खुलासा

बलौदाबाजार रियल इस्पात हादसा: औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच में कारखाने के भीतर सुरक्षा नियमों की भारी लापरवाही सामने आई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार:

  • SOP का उल्लंघन: बिना किल्न को शटडाउन किए जोखिमपूर्ण स्थिति में काम कराया जा रहा था।

  • सुरक्षा उपकरणों का अभाव: श्रमिकों को हीट रेसिस्टेंट एप्रन, सुरक्षा जूते, हेलमेट और अन्य अनिवार्य पीपीई किट उपलब्ध नहीं कराए गए थे।

  • वर्क परमिट की कमी: चेंबर के भीतर 850 से 900 डिग्री सेल्सियस तापमान होने के बावजूद उचित वर्क परमिट जारी नहीं किया गया था।

  • रखरखाव में कमी: हाईड्रोलिक स्लाइड गेट को बंद नहीं किया गया था, जो सीधे तौर पर प्रबंधन की चूक को दर्शाता है।

कारखाना अधिनियम के तहत सख्त प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

बलौदाबाजार रियल इस्पात हादसा: हादसे की गंभीरता और मौके पर मौजूद ‘इमिनेंट डेंजर’ (आसन्न खतरे) को देखते हुए कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 40(2) के तहत किल्न क्रमांक-01 के संचालन और सभी मेंटेनेंस कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा जब तक प्रबंधन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित कर प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर देता।

श्रमिकों के हितों की रक्षा: वेतन और भत्तों का होगा भुगतान

बलौदाबाजार रियल इस्पात हादसा: सरकार ने स्पष्ट किया है कि कारखाने के इस हिस्से पर प्रतिबंध लगने के बावजूद वहां कार्यरत श्रमिकों के हितों को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। आदेश में साफ कहा गया है कि प्रतिबंधात्मक अवधि के दौरान सभी नियोजित श्रमिकों को उनका नियत वेतन और अन्य भत्ते अनिवार्य रूप से समय पर दिए जाएंगे।

प्रशासन की चेतावनी: सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं

बलौदाबाजार रियल इस्पात हादसा: सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा ने कड़े शब्दों में कहा है कि औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई भी संस्थान सुरक्षा मानकों और नियमों की अनदेखी करता पाया गया, तो उनके खिलाफ इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

Pooja Chandrakar

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