
Balrampur Crime News: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ महज कुछ दाने मटर तोड़कर खाने की सजा दो मासूम स्कूली बच्चों को इस कदर दी गई कि देखने वालों की रूह कांप जाए। राजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक व्यक्ति ने पड़ोस में रहने वाले दूसरी कक्षा के दो छात्रों को न केवल बेरहमी से पीटा, बल्कि उनके पैर रस्सी से बांधकर उनका वीडियो भी बनाया।
खेत में मटर खाते देख भड़का पड़ोसी
Balrampur Crime News: यह दर्दनाक वाकया राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लडुआ का है। जानकारी के अनुसार, आरोपी कपिल टोप्पो ने अपने खेत में मटर की फसल लगाई है। 4 जनवरी को पड़ोस में रहने वाले दो छोटे बच्चे, जो दूसरी कक्षा में पढ़ते हैं, खेल-खेल में उसके खेत में घुस गए और मटर तोड़कर खाने लगे। बच्चों को मटर खाते देख आरोपी कपिल आगबबूला हो गया और उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया।
क्रूरता की सारी हदें पार: बच्चों को रस्सी से बांधकर जमीन पर लेटाया
Balrampur Crime News: आरोपी बच्चों को पकड़कर अपने घर ले गया। वहाँ उसने दोनों मासूमों के पैरों को रस्सी से बांध दिया और उन्हें जमीन पर लेटाकर बेरहमी से पिटाई (Children Beaten) शुरू कर दी। मासूम बच्चे दर्द से कराहते रहे और छोड़ने की गुहार लगाते रहे, लेकिन आरोपी का दिल नहीं पसीजा। हैरानी की बात यह है कि पिटाई के दौरान आरोपी ने खुद अपने मोबाइल से इस पूरी घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
Balrampur Crime News: आरोपी द्वारा बनाया गया यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग आरोपी की सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। जब बच्चों की पिटाई की जानकारी उनके परिजनों को मिली, तो वे तुरंत बच्चों को लेकर राजपुर थाने पहुंचे और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी
Balrampur Crime News: परिजनों की रिपोर्ट पर राजपुर पुलिस ने आरोपी कपिल टोप्पो के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह ने बताया कि बच्चों के साथ की गई इस क्रूरता के मामले में पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी
Balrampur Crime News: मासूम बच्चों के साथ छोटी सी गलती पर इस तरह का हिंसक व्यवहार समाज की मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता आज के समय की बड़ी जरूरत है।









