अपराधभारत

Bareilly Crime: 36 साल तक नाम और धर्म बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा हत्या का दोषी, 70 साल की उम्र में ऐसे हुआ गिरफ्तार

1987 में पैरोल पर छूटने के बाद प्रदीप सक्सेना बन गया था 'अब्दुल रहीम', मुरादाबाद में शादी कर शुरू कर दी थी नई जिंदगी; हाई कोर्ट की सख्ती के बाद खुला राज।

बरेली: बॉलीवुड फिल्मों में अक्सर देखा जाता है कि अपराधी पुलिस से बचने के लिए अपना नाम, पहचान और ठिकाना बदल लेते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के बरेली में यह फ़िल्मी कहानी हकीकत बनकर सामने आई है। यहाँ पुलिस ने एक ऐसे 70 वर्षीय अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 36 सालों से कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था। हत्या के मामले में दोषी यह अपराधी अपना धर्म परिवर्तन कर और नाम बदलकर दूसरी जगह रह रहा था।

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क्या है पूरा मामला?
यह मामला बरेली के थाना प्रेम नगर क्षेत्र का है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, प्रदीप कुमार सक्सेना नामक व्यक्ति पर साल 1987 में हत्या (धारा 302) और चोरी (धारा 379) का केस दर्ज हुआ था। कोर्ट ने उसे दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी। सजा काटने के दौरान प्रदीप पैरोल पर बाहर आया, लेकिन वापस जेल लौटने के बजाय वह फरार हो गया। इसके बाद से वह पुलिस की पकड़ से दूर था। 36 साल तक नाम और धर्म बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा हत्या का दोषी

प्रदीप से बना ‘अब्दुल रहीम’, विधवा से की शादी
फरारी के दौरान पुलिस से बचने के लिए प्रदीप ने एक बड़ी साजिश रची। वह बरेली छोड़कर मुरादाबाद भाग गया।

  • पहचान बदली: उसने अपना हिंदू नाम छोड़कर अपना नाम ‘अब्दुल रहीम उर्फ सक्सेना ड्राइवर’ रख लिया।

  • धर्म परिवर्तन: पहचान पक्की करने के लिए उसने अपना धर्म बदला और मुस्लिम बन गया।

  • नई जिंदगी: मुरादाबाद के मोहल्ला करूला में उसने ठिकाना बनाया और वहां एक मुस्लिम विधवा महिला से निकाह कर लिया। वह वहां ड्राइवरी का काम करने लगा और इतने सालों तक किसी को उसकी असली पहचान की भनक तक नहीं लगी।

हाई कोर्ट की सख्ती के बाद कसी नकेल
इस मामले में मोड़ तब आया जब हाई कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई। कोर्ट ने 16 अक्टूबर को आदेश दिया कि आरोपी को चार सप्ताह के भीतर गिरफ्तार कर सीजेएम बरेली के समक्ष पेश किया जाए।
इस आदेश के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने सीओ नगर प्रथम आशुतोष शिवम की निगरानी में एक विशेष टीम गठित की। पुलिस ने पुराने दस्तावेजों को खंगाला और प्रदीप के पैतृक कस्बे ‘शाही’ पहुंची। 36 साल तक नाम और धर्म बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा हत्या का दोषी

भाई और पत्नी से मिला सुराग
कस्बा शाही में पूछताछ के दौरान स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रदीप 36 साल पहले ही गायब हो गया था। पुलिस ने जब सख्ती से जांच की तो उसके भाई सुरेश बाबू और पहली पत्नी से अहम सुराग मिले। उन्होंने खुलासा किया कि प्रदीप ने धर्म बदल लिया है और वह मुरादाबाद के करूला इलाके में रह रहा है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुरादाबाद में छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया। 36 साल तक नाम और धर्म बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा हत्या का दोषी

एसपी सिटी का बयान
एसपी सिटी मानुष पारीक ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, “वर्ष 1987 में थाना प्रेमनगर में दर्ज केस में अभियुक्त प्रदीप सक्सेना को सजा हुई थी। वह पैरोल जंप करके 36 साल से फरार था। उसने अपनी पहचान और धर्म बदलकर अब्दुल हमीद (या रहीम) नाम रख लिया था ताकि पुलिस उसे पकड़ न सके। हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।” 36 साल तक नाम और धर्म बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा हत्या का दोषी

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