
सावधान! कोरबा में जूस की बर्फ से निकला मरा हुआ मेंढक, खाने-पीने की चीजों में लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। कोरबा शहर के व्यस्ततम इलाके ‘घंटाघर चौपाटी’ में एक जूस दुकान पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जूस में डालने वाली बर्फ के भीतर एक मरा हुआ मेंढक जमा हुआ पाया गया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
कैसे खुला लापरवाही का यह खौफनाक राज?
सावधान! कोरबा में जूस की बर्फ से निकला मरा हुआ मेंढक,जानकारी के मुताबिक, चौपाटी स्थित एक जूस दुकान पर रोजाना की तरह ग्राहक जूस का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान जब दुकानदार ने जूस ठंडा करने के लिए बर्फ की सिल्ली तोड़ी, तो उसके अंदर एक मृत मेंढक दिखाई दिया। जैसे ही यह खबर वहां मौजूद लोगों को लगी, मौके पर भीड़ जमा हो गई। बर्फ के अंदर जमा हुआ मेंढक देखकर लोग दंग रह गए और दुकानदार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
आम जनता की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़
सावधान! कोरबा में जूस की बर्फ से निकला मरा हुआ मेंढक,इस घटना ने साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस बर्फ का इस्तेमाल जूस को ठंडा करने के लिए किया जा रहा था, उसे बनाने और स्टोर करने में भारी लापरवाही बरती गई है। लोगों का सवाल है कि यदि कोई अनजाने में वह जूस पी लेता, तो उसकी जान पर बन सकती थी।
चौपाटी समिति ने लिया सख्त फैसला
सावधान! कोरबा में जूस की बर्फ से निकला मरा हुआ मेंढक,मामले की गंभीरता को देखते हुए घंटाघर चौपाटी समिति के अध्यक्ष ने तुरंत हस्तक्षेप किया। समिति ने लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपील की है कि जब तक मामले की पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक संबंधित दुकान से किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री का सेवन न करें। साथ ही, समिति ने प्रशासन से दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
फूड सेफ्टी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
कोरबा की इस घटना ने खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:
शहर की सभी जूस और खान-पान की दुकानों की तत्काल जांच की जाए।
बर्फ फैक्ट्रियों में स्वच्छता मानकों की नियमित चेकिंग हो।
लापरवाही बरतने वाले दुकानदारों का लाइसेंस रद्द किया जाए।
सावधान! कोरबा में जूस की बर्फ से निकला मरा हुआ मेंढक,बाहर खान-पान के दौरान सतर्क रहना बेहद जरूरी है। कोरबा की यह घटना एक चेतावनी है कि व्यावसायिक मुनाफे के लिए लोगों की जान को जोखिम में डालना बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। प्रशासन को चाहिए कि वह भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र विकसित करे।



















