रियल इस्पात हादसा: पीड़ित परिवारों के लिए बड़े मुआवजे का ऐलान, जानें किसे कितनी मिलेगी सहायता

बलौदाबाजार: रियल इस्पात हादसा: पीड़ित परिवारों के लिए बड़े मुआवजे का ऐलान, जानें किसे कितनी मिलेगी सहायता, भाटापारा स्थित रियल इस्पात एंड एनर्जी पावर प्लांट में हुए दुखद हादसे के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की विस्तृत घोषणा की है। बकुलाही ग्राम स्थित इस प्लांट में गुरुवार को हुए हादसे ने क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन और प्रबंधन अब पीड़ितों को हर संभव आर्थिक मदद पहुँचाने में जुटे हैं।
रियल इस्पात प्रबंधन द्वारा मुआवजे की घोषणा
रियल इस्पात हादसा: कारखाना प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मजदूर के परिवार को 20 लाख रुपये की तात्कालिक सहायता राशि दी जाएगी। इसके साथ ही, गंभीर रूप से घायल श्रमिकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया गया है।
मृतकों के परिजनों को मिलेगा कुल 45 लाख तक का लाभ
रियल इस्पात हादसा: प्रबंधन की ओर से दी जाने वाली 20 लाख की राशि के अलावा, सरकारी नियमों के तहत मिलने वाले अन्य लाभ भी पीड़ित परिवारों को मिलेंगे। मुआवजे का पूरा विवरण इस प्रकार है:
प्रबंधन द्वारा नकद सहायता: 20 लाख रुपये।
कर्मचारी क्षतिपूर्ति कोष (Workmen Compensation): औसतन 10 लाख रुपये।
ESIC पेंशन: कर्मचारी राज्य बीमा निगम के माध्यम से आगामी वर्षों में लगभग 15 लाख रुपये का लाभ।
कुल सहायता: इस तरह मृतक के परिजनों को औसतन 45 लाख रुपये की कुल सहायता राशि प्राप्त होगी।
घायल श्रमिकों के लिए उपचार और भत्ता
रियल इस्पात हादसा: हादसे में घायल हुए 5 मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर के बर्न एवं ट्रीटमेंट सेंटर में भर्ती कराया गया है। प्रबंधन ने घायलों के लिए 5 लाख रुपये की सहायता के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया है कि जब तक वे काम पर वापस नहीं लौटते, उन्हें कर्मचारी राज्य बीमा निगम के माध्यम से नियमनुसार जीवनयापन भत्ता मिलता रहेगा।
हादसे के बाद प्रशासन की सख्त कार्रवाई
रियल इस्पात हादसा: सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल प्लांट परिसर में प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और वर्तमान में संयंत्र के आसपास शांति व्यवस्था कायम है। शुरुआती जांच के आधार पर सुरक्षा चूक के पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पीड़ित श्रमिकों का विवरण
हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिक (बिहार निवासी):
विनय भुईया (39 वर्ष)
बद्री भुईया (52 वर्ष)
सुंदर भुईया (49 वर्ष)
श्रवण भुईया (22 वर्ष)
जितेन्द्र भुईया (37 वर्ष)
राजदेव भुईया (22 वर्ष)
(सभी निवासी: ग्राम गोटीबांध, बिहार)
उपचाराधीन घायल श्रमिक:
रामू भुईया और कल्फु भुईया (बिहार निवासी)
सराफत अंसारी, मुमताज अंसारी और साबिर अंसारी (झारखंड निवासी)
रियल इस्पात हादसा: यह घटना औद्योगिक सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। हालांकि, मुआवजे की इस घोषणा से पीड़ित परिवारों को कुछ हद तक संबल मिलने की उम्मीद है।



















