दिल्लीकानून

Delhi HC का बड़ा फैसला: पत्नी की ‘सहमति’ से बने संबंध फिर भी पति पर रेप का केस नहीं होगा रद्द, कोर्ट ने बताई यह वजह

घरेलू हिंसा की जांच में खुला था नाबालिग शादी का राज; हाईकोर्ट ने कहा- 18 से कम उम्र में रजामंदी का कोई मोल नहीं, कानून भावनाओं से ऊपर है।

नई दिल्ली:  Delhi HC का बड़ा फैसला: पत्नी की ‘सहमति’ से बने संबंध फिर भी पति पर रेप का केस नहीं होगा रद्द, कोर्ट ने बताई यह वजह. दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बेहद अहम और संवेदनशील मामले में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि कानून के सामने ‘नाबालिग की सहमति’ का कोई अर्थ नहीं है, भले ही वह मामला पति-पत्नी के बीच का क्यों न हो। अदालत ने उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें एक पति ने अपनी नाबालिग पत्नी के साथ बनाए गए यौन संबंधों पर दर्ज POCSO (पॉक्सो) एक्ट की FIR को रद्द करने की मांग की थी।

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!

कोर्ट ने कहा कि शादी के लिए दोनों पक्षों का बालिग होना अनिवार्य है और 18 साल से कम उम्र में बनाए गए संबंध, चाहे वे सहमति से ही क्यों न हों, कानून की नजर में अपराध हैं।Delhi HC का बड़ा फैसला: पत्नी की ‘सहमति’ से बने संबंध फिर भी पति पर रेप का केस नहीं होगा रद्द

घरेलू हिंसा की शिकायत से खुला राज
यह पूरा मामला साल 2023 में शुरू हुआ, जब एक महिला ने अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जांच के दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि शादी के वक्त लड़की की उम्र महज 16 साल 5 महीने थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और बाल विवाह निषेध कानून की धाराएं जोड़ दीं।Delhi HC का बड़ा फैसला: पत्नी की ‘सहमति’ से बने संबंध फिर भी पति पर रेप का केस नहीं होगा रद्द

गोद में बच्चा लेकर कोर्ट पहुंची पत्नी, दी यह दलील
पति ने एफआईआर रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पत्नी भी अपने बच्चे के साथ अदालत में पेश हुई। उसने जज से गुहार लगाई कि:

  • उसने पति के साथ शारीरिक संबंध अपनी मर्जी और सहमति से बनाए थे, उसका कोई यौन शोषण नहीं हुआ।

  • अब वह बालिग हो चुकी है और उनका एक बच्चा भी है।

  • बच्चे के भविष्य और परिवार को बचाने के लिए वह पति पर कोई कार्रवाई नहीं चाहती।

कोर्ट ने क्यों खारिज की याचिका?
जस्टिस संजीव नरूला की पीठ ने पति-पत्नी की दलीलों को सुनने के बाद भी FIR रद्द करने से इनकार कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं:

  1. सहमति का बचाव मान्य नहीं: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पॉक्सो एक्ट के तहत यदि लड़की की उम्र 18 साल से कम है, तो उसकी सहमति कानूनन मान्य नहीं है। संसद ने यौन सहमति के लिए 18 वर्ष की आयु सीमा तय की है।

  2. गलत संदेश जाएगा: हाईकोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे मामलों में ‘सहमति’ को आधार बनाकर केस खत्म कर दिया जाए, तो समाज में यह संदेश जाएगा कि बाल विवाह और नाबालिगों के यौन संबंधों को बाद में कानूनी मान्यता मिल सकती है।

  3. कानून सबसे ऊपर: जस्टिस नरूला ने कहा, “यह एक ऐसा मामला है जहां न्याय (परिवार बचाने) की इच्छा बहुत मजबूत है, लेकिन कानून का आदेश उससे भी ज्यादा मजबूत है।”

माता-पिता की भूमिका पर भी सवाल
अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह मामला सिर्फ दो युवाओं का नहीं है, बल्कि इसमें उनके माता-पिता भी शामिल हैं जिन्होंने बाल विवाह कराया। 16 साल की लड़की को कानून ‘बच्चा’ मानता है और उसकी सहमति अक्सर पारिवारिक दबाव या सामाजिक अपेक्षाओं के कारण होती है। ऐसे में केस रद्द करना बाल विवाह निषेध कानून के उद्देश्यों के खिलाफ होगा।Delhi HC का बड़ा फैसला: पत्नी की ‘सहमति’ से बने संबंध फिर भी पति पर रेप का केस नहीं होगा रद्द

क्या कहता है कानून?
कानूनी जानकारों के मुताबिक, पॉक्सो एक्ट (2012) के तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चे के साथ यौन संबंध बनाना गंभीर अपराध है। इसमें सहमति कोई बचाव (Defence) नहीं है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है।Delhi HC का बड़ा फैसला: पत्नी की ‘सहमति’ से बने संबंध फिर भी पति पर रेप का केस नहीं होगा रद्द

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE
सैकड़ो वर्षो से पहाड़ की चोटी पर दिका मंदिर,51 शक्ति पीठो में है एक,जानिए डिटेल्स शार्ट सर्किट की वजह से फर्नीचर कंपनी के गोदाम में लगी आग महेश नवमी का माहेश्वरी समाज से क्या है संबंध? भारत ऑस्ट्रेलिया को हराकर टी20 वर्ल्ड कप से कर सकता है बाहर बिना कुछ पहने सड़को पर निकल गई उर्फी जावेद , देखकर बोले फैंस ये क्या छत्तीसगढ़ पुलिस कांस्टेबल शारीरिक दक्षता परीक्षा की तारीख घोषित, जानें पूरी डिटेल एक जुलाई से बदलने वाला है IPC, जाने क्या होने जा रहे है बदलाव WhatsApp या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नहीं दिया जा सकता धारा 41ए CrPC/धारा 35 BNSS नोटिस The 12 Best Superfoods for Older Adults Mother died with newborn case : महिला डॉक्टर समेत 2 नर्सों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज