बिहार में बड़ा सियासी फेरबदल? नितिन नबीन को मिली नई जिम्मेदारी, अब क्या छिन जाएंगे ये दो बड़े मंत्रालय? भारतीय जनता पार्टी (BJP) में संगठन और सत्ता के बीच संतुलन को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। बिहार सरकार के कद्दावर मंत्री नितिन नबीन को भाजपा का ‘राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष’ (संगठन से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारी) बनाए जाने के बाद पटना से लेकर दिल्ली तक सियासी कयासों का बाजार गर्म है। सवाल यह है कि क्या भाजपा अपनी पुरानी नीति ‘एक व्यक्ति-एक पद’ को लागू करते हुए नितिन नबीन से मंत्री पद वापस लेगी?
‘एक व्यक्ति-एक पद’ का नियम बनेगा रोड़ा?
भाजपा में अनुशासन और संगठन को सर्वोपरि माना जाता है। पार्टी का अघोषित नियम ‘एक व्यक्ति-एक पद’ (One Person, One Post) अक्सर कड़े फैसलों की वजह बनता है। नितिन नबीन को मिली राष्ट्रीय जिम्मेदारी यह दर्शाती है कि पार्टी उनका कद बढ़ा रही है। यह पहली बार है जब बिहार के किसी नेता को संगठन में इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि उन्हें अपना पूरा समय अब संगठन के विस्तार और मजबूती में देना होगा, जिससे मंत्री पद पर बने रहना मुश्किल हो सकता है।बिहार में बड़ा सियासी फेरबदल? नितिन नबीन को मिली नई जिम्मेदारी
इन दो हाई-प्रोफाइल विभागों पर सबकी नजर
फिलहाल नितिन नबीन बिहार सरकार में दो सबसे मलाईदार और महत्वपूर्ण विभागों की कमान संभाल रहे हैं:
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पथ निर्माण विभाग (Road Construction): यह विभाग राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर, पुलों और सड़कों के जाल से जुड़ा है, जिसका बजट हजारों करोड़ में होता है।
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नगर विकास एवं आवास विभाग (Urban Development): स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स, शहरी निकायों और आवास योजनाओं की जिम्मेदारी इसी विभाग पर है।
ये दोनों विभाग न केवल जनता से सीधे जुड़े हैं, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी बेहद अहम हैं। अगर नितिन नबीन हटते हैं, तो इन विभागों के लिए लॉबिंग तेज होना तय है।बिहार में बड़ा सियासी फेरबदल? नितिन नबीन को मिली नई जिम्मेदारी
दिल्ली की जिम्मेदारी या बिहार की सत्ता?
सियासी गलियारों में चर्चा है कि नितिन नबीन को शायद तुरंत इस्तीफा न देना पड़े, लेकिन यह स्थिति लंबे समय तक नहीं रहेगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल कोई तत्काल दबाव नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में जब भी कैबिनेट विस्तार या फेरबदल होगा, नितिन नबीन को मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है। पार्टी चाहेगी कि वे अपना पूरा फोकस नई राष्ट्रीय भूमिका पर रखें।बिहार में बड़ा सियासी फेरबदल? नितिन नबीन को मिली नई जिम्मेदारी
अगर कुर्सी गई, तो कौन होगा दावेदार?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर नितिन नबीन मंत्री पद छोड़ते हैं, तो उनकी जगह कौन लेगा? संकेत साफ हैं कि भाजपा इन दोनों महत्वपूर्ण विभागों को अपने कोटे में ही रखेगी और सहयोगी दलों (जैसे JDU) को देने की संभावना कम है।बिहार में बड़ा सियासी फेरबदल? नितिन नबीन को मिली नई जिम्मेदारी
ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा किसी अनुभवी और वरिष्ठ चेहरे को यह जिम्मेदारी सौंप सकती है। पूर्व में नंदकिशोर यादव और विजय कुमार सिन्हा जैसे दिग्गज इन विभागों को संभाल चुके हैं। पार्टी के पास विकल्पों की कमी नहीं है, लेकिन अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व की मुहर के बाद ही होगा।बिहार में बड़ा सियासी फेरबदल? नितिन नबीन को मिली नई जिम्मेदारी
सस्पेंस बरकरार
फिलहाल नितिन नबीन मंत्री भी हैं और संगठन के पदाधिकारी भी। आधिकारिक तौर पर इस्तीफे की कोई खबर नहीं है, लेकिन भाजपा की कार्यशैली को देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि देर-सबेर उन्हें एक कुर्सी छोड़नी होगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि बिहार की राजनीति में अगला बड़ा बदलाव कब होता है।बिहार में बड़ा सियासी फेरबदल? नितिन नबीन को मिली नई जिम्मेदारी