
जशपुर जिला अस्पताल में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा:जशपुर जिला चिकित्सालय से भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। मेडिकल बिल पास कराने के नाम पर अवैध वसूली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में संलिप्त ड्रेसर किशोर कुमार चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ रिश्वत का वीडियो
इंटरनेट पर प्रसारित हो रहे इस वीडियो में ड्रेसर किशोर कुमार चौहान को स्पष्ट रूप से नोटों की गड्डी गिनते हुए देखा जा सकता है। वीडियो के दौरान कर्मचारी यह कहते हुए भी सुनाई दे रहा है कि “यह रकम साहब को देनी पड़ती है।” बताया जा रहा है कि सरकारी कर्मचारियों के मेडिकल क्लेम और बिलों को मंजूरी दिलाने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी। यह कर्मचारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक कार्यालय में कार्यरत था।
प्रशासनिक कार्रवाई: सीएमएचओ ने जारी किया निलंबन आदेश
जशपुर जिला अस्पताल में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा:वीडियो के सामने आने और मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने त्वरित एक्शन लिया। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के उल्लंघन और गंभीर कदाचार के दोषी पाए जाने पर किशोर कुमार चौहान को सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पत्थलगांव नियत किया गया है, जहाँ उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य में बढ़ती सख्ती
छत्तीसगढ़ में इन दिनों भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। जशपुर की इस घटना के अलावा हाल ही में मनेंद्रगढ़ नगर पालिका परिषद में भी एसीबी (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की थी। वहां एक अकाउंटेंट को बिल पास करने के बदले रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। शासन की इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
जशपुर जिला अस्पताल में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा:स्वास्थ्य विभाग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में इस तरह की घटना विभाग की छवि को धूमिल करती है। हालांकि, प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस निलंबन का स्वागत किया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।



















