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छत्तीसगढ़ में एनआरआई कोटे का बड़ा घोटाला!

मेडिकल कॉलेजों में फर्जी एनआरआई दाखिले से 150 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग घोटाला, CBI और ED की जांच की सुगबुगाहट तेज — सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की खुली अवहेलना

रायपुर। छत्तीसगढ़ में एनआरआई कोटे का बड़ा घोटाला! छत्तीसगढ़ में मेडिकल शिक्षा के नाम पर बड़ा एनआरआई कोटा घोटाला सामने आया है। प्रदेश के कई निजी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे के तहत फर्जी दाखिले देने और करोड़ों रुपये की अवैध वसूली करने का मामला उजागर हुआ है। बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण में मनी लॉन्ड्रिंग, कबूतरबाज़ी और फर्जी तस्दीक जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।

मामले की प्रारंभिक जांच के बाद यह खुलासा हुआ है कि कई कॉलेजों ने विदेश में बसे नाते-रिश्तेदारों की सिर्फ औपचारिक पुष्टि के आधार पर छात्रों को एनआरआई कोटे में एडमिशन दे दिया। जबकि वे छात्र न तो एनआरआई हैं और न ही पात्रता मानकों पर खरे उतरते हैं। प्रत्येक फर्जी एनआरआई सीट के एवज में 2 करोड़ रुपये तक की वसूली की गई है।छत्तीसगढ़ में एनआरआई कोटे का बड़ा घोटाला!

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नौकरशाही और मेडिकल लॉबी की सांठगांठ

सूत्रों के अनुसार, इस गोरखधंधे में मेडिकल कॉलेज संचालकों, उच्च अधिकारियों और कुछ वरिष्ठ डॉक्टरों की मिलीभगत सामने आई है। स्वास्थ्य शिक्षा विभाग ने केंद्र सरकार द्वारा एनआरआई कोटे के लिए जारी नए दिशा-निर्देशों की अवहेलना करते हुए पुराने नियमों को लागू रखा, जबकि देश के अन्य राज्यों में नए नियम लागू किए जा चुके थे।छत्तीसगढ़ में एनआरआई कोटे का बड़ा घोटाला!

छत्तीसगढ़ में एनआरआई कोटे का बड़ा घोटाला!

इससे अयोग्य छात्रों को एनआरआई कोटे से प्रवेश देकर योग्य उम्मीदवारों को वंचित किया गया। जांच एजेंसियों को शक है कि इस प्रक्रिया के जरिए प्रदेश में 150 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध फंडिंग हुई है।छत्तीसगढ़ में एनआरआई कोटे का बड़ा घोटाला!

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भी अनदेखी

24 सितंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने SLA (C) 22174/2024 – पंजाब व अन्य विरुद्ध भारत सरकार मामले में एनआरआई रिश्तेदारी के नाम पर दिए गए दाखिलों को “फ्रॉड” (धोखाधड़ी) करार दिया था। कोर्ट ने देशभर में नए नियम लागू करने का निर्देश दिया था।
लेकिन छत्तीसगढ़ में इस आदेश को दरकिनार करते हुए पुराने नियमों के तहत ही दाखिले जारी रखे गए।छत्तीसगढ़ में एनआरआई कोटे का बड़ा घोटाला!

बताया जा रहा है कि कई कॉलेजों ने “चाचा, बुआ, नाना, नानी जैसे रिश्तों” के आधार पर फर्जी दस्तावेज लगाकर एनआरआई सीटों पर एडमिशन दिए।छत्तीसगढ़ में एनआरआई कोटे का बड़ा घोटाला!

रावतपुरा मेडिकल इंस्टीट्यूट का नाम भी चर्चा में

सूत्रों के अनुसार, रावतपुरा मेडिकल इंस्टीट्यूट की मान्यता का मामला पहले से ही CBI जांच में है। अब इस केस की चार्जशीट सामने आने के बाद एनआरआई कोटे के घोटाले की नई परतें खुल रही हैं।छत्तीसगढ़ में एनआरआई कोटे का बड़ा घोटाला!

छत्तीसगढ़ में एनआरआई कोटे का बड़ा घोटाला!

इस पूरे नेटवर्क में शामिल कुछ वरिष्ठ डॉक्टरों और कॉलेज संचालकों के विदेशी खातों में लेनदेन के सबूत मिलने की भी बात सामने आई है।छत्तीसगढ़ में एनआरआई कोटे का बड़ा घोटाला!

सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग

इस मामले में कई शिकायतें केंद्र और राज्य सरकार को भेजी गई हैं। विष्णुदेव साय सरकार से मांग की जा रही है कि वह इस घोटाले की CBI और ED से उच्चस्तरीय जांच कराए।
हालांकि, आरोपों में घिरे मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है।छत्तीसगढ़ में एनआरआई कोटे का बड़ा घोटाला!

छत्तीसगढ़ में एनआरआई कोटे का बड़ा घोटाला!
छत्तीसगढ़ में एनआरआई कोटे के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े ने राज्य की चिकित्सा शिक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह सिर्फ एक शैक्षणिक अनियमितता नहीं, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार का संगठित खेल प्रतीत हो रहा है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई से इस घोटाले की और भी परतें खुल सकती हैं।छत्तीसगढ़ में एनआरआई कोटे का बड़ा घोटाला!

Dr. Tarachand Chandrakar

Editor-in-Chief

डॉ. ताराचंद चंद्राकर एक प्रखर विचारक और अनुभवी पत्रकार हैं, जो 'निडर छत्तीसगढ़' के माध्यम से निष्पक्ष और बेबाक पत्रकारिता को नई दिशा दे रहे हैं। तथ्यों की शुद्धता और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें डिजिटल पत्रकारिता में एक विश्वसनीय नाम बनाया है।

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