बिहार चुनाव के बाद बड़ा उलटफेर: प्रशांत किशोर ने की प्रियंका गांधी से मुलाकात, 3 साल पहले ठुकराया था जो ऑफर, क्या अब उसी राह पर लौटे PK? बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के लगभग एक महीने बाद सियासत में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिली है। जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) से मुलाकात की है। हालांकि, दोनों ही दलों के सूत्र इसे एक सामान्य मुलाकात बता रहे हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस बैठक के कई मायने निकाले जा रहे हैं। यह मुलाकात इसलिए भी खास है क्योंकि कुछ साल पहले ही पीके और कांग्रेस के बीच कड़वाहट इतनी बढ़ गई थी कि राहें जुदा हो गई थीं।
पुरानी कड़वाहट भूलकर नई शुरुआत की कोशिश?
प्रशांत किशोर और गांधी परिवार के बीच का रिश्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा है। बिहार चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर ने कांग्रेस और राहुल गांधी की रणनीतियों की जमकर आलोचना की थी। उन्होंने यहां तक कहा था कि राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ का नैरेटिव और मतदाता सूची के मुद्दे बिहार में बेअसर हैं। इतनी तल्खी के बाद प्रियंका गांधी से यह मुलाकात संकेत दे रही है कि राजनीति में कोई भी दोस्त या दुश्मन स्थायी नहीं होता। बिहार चुनाव के बाद बड़ा उलटफेर: प्रशांत किशोर ने की प्रियंका गांधी से मुलाकात
जन सुराज और कांग्रेस: दोनों का प्रदर्शन रहा निराशाजनक
इस मुलाकात की टाइमिंग बेहद अहम है। हाल ही में हुए बिहार चुनावों में प्रशांत किशोर की पार्टी ‘जन सुराज’ का प्रदर्शन उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत रहा। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
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जन सुराज को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली।
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कुल 238 उम्मीदवारों में से 236 की जमानत जब्त हो गई (करीब 99% उम्मीदवार)।
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दूसरी तरफ, कांग्रेस का प्रदर्शन भी 2020 के मुकाबले गिर गया। 61 सीटों पर लड़ने वाली कांग्रेस महज 6 सीटों पर सिमट गई, जबकि पिछली बार उनके पास 19 सीटें थीं।
शायद यही वह साझा विफलता है जिसने दोनों नेताओं को फिर से एक मेज पर ला खड़ा किया है। बिहार चुनाव के बाद बड़ा उलटफेर: प्रशांत किशोर ने की प्रियंका गांधी से मुलाकात
3 साल पहले आखिर क्यों बिगड़ी थी बात?
प्रशांत किशोर और कांग्रेस का पुराना इतिहास रहा है। जेडीयू (JDU) से निकाले जाने के बाद 2021 में प्रशांत किशोर ने खुद राहुल और प्रियंका गांधी से संपर्क किया था। उस वक्त पीके ने कांग्रेस को ‘पुनर्जीवित’ (Revival Plan) करने का एक विस्तृत रोडमैप पेश किया था। बिहार चुनाव के बाद बड़ा उलटफेर: प्रशांत किशोर ने की प्रियंका गांधी से मुलाकात
2022 में दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत भी चली, लेकिन अंत में बात नहीं बन पाई। पीके चाहते थे कि उन्हें पार्टी में फ्री-हैंड मिले और बड़े बदलाव किए जाएं, जिस पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद प्रशांत किशोर ने अपनी अलग राह चुनी और बिहार में जन सुराज अभियान की शुरुआत की। बिहार चुनाव के बाद बड़ा उलटफेर: प्रशांत किशोर ने की प्रियंका गांधी से मुलाकात
क्या फिर साथ आएंगे पीके और कांग्रेस?
भले ही अभी इसे अनौपचारिक बैठक कहा जा रहा हो, लेकिन चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर हमेशा अपने चौंकाने वाले फैसलों के लिए जाने जाते हैं। क्या 3 साल पहले जो ‘ऑफर’ ठुकरा दिया गया था, उस पर अब दोबारा विचार हो रहा है? या फिर यह बिहार की बदलती राजनीति में अस्तित्व बचाने की एक नई कवायद है? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। बिहार चुनाव के बाद बड़ा उलटफेर: प्रशांत किशोर ने की प्रियंका गांधी से मुलाकात